कानपुर: भू-माफिया गजेंद्र सिंह नेगी पर धोखाधड़ी का एक और मामला, पुलिस जांच में जुटी
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश के कानपुर में कुख्यात भू-माफिया गजेंद्र सिंह नेगी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जेल में बंद नेगी, उनकी पत्नी प्रीति बाजपेई और भाई शिवचरण सिंह नेगी के खिलाफ रावतपुर थाने में धोखाधड़ी की एक नई रिपोर्ट दर्ज हुई है। यह मामला गड़रियनपुरवा विकास नगर निवासी रविकांत बाजपेई का है, जो नेगी का पुराना परिचित है।
रविकांत के अनुसार, नेगी कुछ वर्ष पहले धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुका था। जेल से बाहर आने के बाद उसने जरूरत का हवाला देकर रविकांत से अपने खाते में 4.45 लाख रुपये, भाई शिवचरण के खाते में 4.11 लाख रुपये और पत्नी प्रीति के खाते में 4 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। वर्ष 2020 में कोविड काल के दौरान जब नेगी फिर एक मुकदमे में जेल गया, तो उसकी पत्नी ने मुकदमे की पैरवी के नाम पर रविकांत से 5 लाख रुपये अतिरिक्त लिए।
जब रविकांत ने रुपये वापस मांगे, तो नेगी ने पहले एक फ्लैट देने का वादा किया। बाद में बगदौधी बांगर में आराजी संख्या 555 का ढाई बीघा रकबा दिखाकर जमीन अपने नाम कराने का झांसा दिया। जांच करने पर पता चला कि यह जमीन गुरु शरण कौर के नाम दर्ज है और दस्तावेज फर्जी थे। रावतपुर थाने के इंस्पेक्टर मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपों की गहन जांच की जा रही है।
नेगी पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
गजेंद्र सिंह नेगी को जिला प्रशासन ने भू-माफिया घोषित कर रखा है। उसके खिलाफ 2019 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। नेगी नेगी एनक्लेव और नेगी ग्रांड होटल का संचालक है। पुलिस के ‘ऑपरेशन महाकाल’ के तहत अगस्त 2025 से उसके खिलाफ रावतपुर थाने में एक दर्जन से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इनमें फ्लैट-दुकान बेचकर ठगी, एक ही संपत्ति कई लोगों को बेचना, रंगदारी मांगना और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
सितंबर 2025 में नेगी को गिरफ्तार किया गया था। नवंबर में पीड़ितों की शिकायत पर उसे कानपुर जेल से महाराजगंज जेल ट्रांसफर किया गया। दिसंबर में उसके गेस्ट हाउस की बिजली बकाया बिल के कारण काटी गई। हाल ही में 28 दिसंबर को फजलगंज के एक कारोबारी से 69.50 लाख ठगने का भी मामला दर्ज हुआ है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, नेगी ने वर्षों से लोगों को संपत्ति के झांसे में लेकर करोड़ों की ठगी की है। कई पीड़ितों ने रुपये वापस मांगने पर धमकी और मारपीट की शिकायत की है। जांच एजेंसियां उसके बैंक खातों और संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही हैं।
यह मामला एक बार फिर कानपुर में भू-माफियाओं की सक्रियता और पुलिस की सख्ती को उजागर करता है। पीड़ितों का कहना है कि नेगी जैसे माफिया लंबे समय से लोगों की मेहनत की कमाई लूट रहे हैं, लेकिन अब कार्रवाई से राहत की उम्मीद जगी है।






