जातिवादी बैठकों पर BJP सख्त : प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने जनप्रतिनिधियों को दी दो टूक चेतावनी
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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा में जाति आधारित गतिविधियों को लेकर सख्ती के संकेत मिल गए हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी भी प्रकार की जाति विशेष की बैठक या गतिविधि भाजपा की विचारधारा, संविधान और संगठनात्मक परंपराओं के विपरीत है। ऐसे कृत्यों से न सिर्फ पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी जाता है।
प्रदेश अध्यक्ष ने मीडिया में सामने आई उस रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए यह बयान दिया, जिसमें विधानसभा सत्र के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा कथित तौर पर जाति विशेष से जुड़ा भोज और बैठक किए जाने की बात कही गई थी। उन्होंने बताया कि संबंधित जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर उन्हें स्पष्ट रूप से आगाह कर दिया गया है कि भविष्य में इस तरह की किसी भी गतिविधि से बचें।
पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा परिवारवाद या वर्ग विशेष की राजनीति में विश्वास नहीं करती। पार्टी का आधार राष्ट्रवाद, विकास और सामाजिक समरसता है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि आगे चलकर किसी जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह की गतिविधि दोहराई जाती है, तो उसे पार्टी संविधान के तहत अनुशासनहीनता माना जाएगा और कार्रवाई तय है।
प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भाजपा विविधताओं से भरे लोकतंत्र में सर्वस्पर्शी और सर्वव्यापी राजनीति को मजबूती से आगे बढ़ा रही है। Narendra Modi के नेतृत्व में विकास आधारित राजनीति और राष्ट्रवाद ने प्रदेश में जाति-केंद्रित राजनीति की जमीन को कमजोर किया है।
उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस जैसी पार्टियां अब भी जाति पहचान की राजनीति में उलझी हुई हैं, जबकि प्रदेश की जनता विकास और सुशासन को प्राथमिकता दे रही है। यही कारण है कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में ऐसे दल हताशा में नकारात्मक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
पंकज चौधरी ने अंत में कहा कि भाजपा के सभी जनप्रतिनिधियों को पार्टी की मर्यादा, अनुशासन और मूल विचारधारा के अनुरूप ही सार्वजनिक और राजनीतिक आचरण करना चाहिए, ताकि संगठन की सर्वसमावेशी पहचान बनी रहे।






