कानपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को मिलेगी नई दिशा: ई-रिक्शा व ई-ऑटो को कलर कोड रूट, आईआईटी की सलाह से जाम मुक्त शहर
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। कानपुर शहर की सड़कों पर रोजाना होने वाले ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित यातायात से जूझ रहे कानपुरवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। ई-रिक्शा और ई-ऑटो के मनमाने संचालन पर लगाम लगाने के लिए अब इन वाहनों को चार अलग-अलग रंगों के कोड वाले निर्धारित रूटों पर चलाया जाएगा। यह फैसला पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया।
बैठक में पुलिस, परिवहन विभाग और नगर निगम के अधिकारियों ने मिलकर इस योजना को अंतिम रूप दिया। नए नियम के तहत ई-रिक्शा एवं ई-ऑटो को चार कलर कोड में विभाजित किया जाएगा, जिससे चालकों को अपने रूट की स्पष्ट जानकारी मिलेगी और वे मनमाने ढंग से कहीं भी नहीं घूम सकेंगे। इससे मुख्य सड़कों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की समस्या भी कम होगी। साथ ही, इन वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल और स्टैंड चिह्नित किए जाएंगे। प्रस्तावित रूटों का सर्वे पुलिस, परिवहन और नगर निगम की संयुक्त टीम करेगी।
यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। कानपुर में हजारों की संख्या में चल रहे ई-रिक्शा और ई-ऑटो अक्सर जाम का बड़ा कारण बनते हैं। निर्धारित रूट और कलर कोड से न केवल ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा, बल्कि नियम तोड़ने वालों की आसानी से पहचान भी हो सकेगी।
बैठक में ट्रैफिक सुधार के व्यावहारिक उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों द्वारा किए गए एनालिटिक्स आधारित अध्ययन की सिफारिशों को लागू करने का निर्णय लिया गया। इस अध्ययन में भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की गहन पड़ताल की गई है, जिसके आधार पर जाम वाले प्रमुख चौराहों और सड़कों पर व्यावहारिक बदलाव किए जाएंगे। इससे शहरवासियों को रोजाना के जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
बैठक में संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), नगर आयुक्त, परिवहन अधिकारी, डीसीपी यातायात सहित सभी जोनल डीसीपी, एसीपी और टीआई मौजूद रहे। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन फैसलों को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए।
कानपुर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। यह नई व्यवस्था न केवल जाम कम करेगी, बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि ई-रिक्शा और ई-ऑटो प्रदूषण रहित वाहन हैं। उम्मीद है कि इन कदमों से कानपुर की सड़कें अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनेंगी। शहरवासी अब बेसब्री से इन बदलावों का इंतजार कर रहे हैं।






