अटल जयंती मंच से कुमार विश्वास का व्यंग्य, बोले— योगी संत हैं, दुष्ट उनसे मिलकर भी मोक्ष पा जाता है
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लखनऊ में ‘अटल गीत गंगा’ कार्यक्रम में कविता, कटाक्ष और तालियों से गूंजा सभागार
संवाद 24 लखनऊ। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर लखनऊ के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘अटल गीत गंगा’ कार्यक्रम में कवि कुमार विश्वास आकर्षण का केंद्र रहे। कविता, व्यंग्य और राजनीतिक कटाक्ष के बीच उनका संबोधन देर तक श्रोताओं की तालियों से गूंजता रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में कुमार विश्वास ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि संत दो प्रकार के होते हैं। एक वे, जिनसे सज्जन लोग मिलते हैं और मोक्ष प्राप्त करते हैं, और दूसरे संत हमारे योगी जी जैसे हैं— जिनसे यदि कोई दुष्ट मिल जाए तो वह भी मोक्ष पा जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले डॉक्टर पर्चे पर ‘आरएक्स’ लिखा करते थे, अब जरूरत पड़ने पर ‘आरडीएक्स’ लिखा जा रहा है। इस टिप्पणी पर सभागार में ठहाकों के साथ तालियों की गूंज सुनाई दी।
कुमार विश्वास ने सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव की ओर इशारा करते हुए कहा कि एक समय आगरा के सफेद कब्रिस्तान को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते थे, लेकिन आज समय बदल गया है और अब अयोध्या देखने वालों की संख्या कहीं अधिक है। उन्होंने राम नवमी और अदालत से जुड़ा एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब राम के अस्तित्व का मामला कोर्ट में चल रहा था और राम नवमी की छुट्टी के कारण कोर्ट बंद थी, तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि जब राम नवमी की छुट्टी है, तो इसका मतलब राम हैं। इस कथन पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं।
कार्यक्रम के दौरान कुमार विश्वास ने अपनी नई कविता ‘भवानी सुन लो राम कहानी’ का सस्वर पाठ किया। मां सरयू, राम भक्ति और भारतीय परंपरा से जुड़ी इस रचना ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। दर्शकों की मांग पर उन्होंने अपनी कई अन्य चर्चित रचनाएं भी सुनाईं।
अटल जैसे दूरदर्शी नेता कोई नहीं: मुख्यमंत्री योगी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध पंक्तियों ‘हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अटल जी की कविताएं संकट के समय हर नागरिक के लिए प्रेरणा बनती हैं। योगी ने कहा कि अटल जी कवि हृदय थे, लेकिन राष्ट्र के लिए उन्होंने उतनी ही दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ काम किया। ग्राम्य विकास, नगरीय कनेक्टिविटी, सार्वजनिक सहायता प्रणाली और अंत्योदय की भावना— हर क्षेत्र में उनका योगदान अद्वितीय रहा। उन्होंने कहा कि अटल जी जैसा दूरदर्शी नेता देश में कोई दूसरा नहीं हुआ।
सीएम योगी ने विपक्ष को अटल जी के उस संदेश की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने कहा था— “भाजपा से लड़ो, भारत से नहीं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कथन केवल एक महान और दूरदर्शी नेता ही दे सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अटल जी के शताब्दी वर्ष के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों में विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित कराई हैं।
पाकिस्तान तक थी अटल जी की लोकप्रियता: राजनाथ सिंह
कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे उन विरले नेताओं में थे, जिन्हें बिना किसी पद के भी अपार सम्मान मिलता था। उन्होंने पाकिस्तान यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने स्वयं स्वीकार किया था कि अटल जी इतने लोकप्रिय हैं कि यदि वे पाकिस्तान से भी चुनाव लड़ें, तो जीत सकते हैं। राजनाथ सिंह ने अटल जी के जीवन से जुड़े कई प्रेरक और रोचक प्रसंग भी साझा किए।
अटल गीत गंगा कार्यक्रम में कविता, राजनीति और स्मृतियों का यह संगम देर रात तक चर्चा का विषय बना रहा।






