कोहरे की सफेद चादर में लिपटी उत्तर भारत की रेलें: प्रीमियम ट्रेनें भी ठिठुरकर रह गईं
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संवाद 24 संवाददाता। दिसंबर का महीना आते ही उत्तर भारत में कोहरा अपना कहर बरपाना शुरू कर देता है। इस बार 2025 के दिसंबर में घना कोहरा रेल यात्रा को सबसे बड़ा दुश्मन बन गया है। कानपुर से लेकर दिल्ली, लखनऊ और पटना तक रेलवे ट्रैक पर सफेद चादर बिछी हुई है, जिससे ट्रेनें रेंगती हुई चल रही हैं। सबसे दुखद यह है कि वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनें, जो समय की पाबंदी और आराम के लिए जानी जाती हैं, भी 10-15 घंटे तक लेट हो रही हैं। ज्यादा किराया देकर टिकट बुक करने वाले यात्री खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं और सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
कानपुर सेंट्रल और गोविंदपुरी स्टेशन पर यात्रियों की हालत देखने लायक है। शाम की ट्रेन सुबह पहुंच रही है, तो सुबह की ट्रेन शाम को। आसपास के जिलों से आने वाले लोग घंटों प्लेटफॉर्म पर ठंड और गलन में इंतजार करते रहते हैं। मंगलवार (23 दिसंबर 2025) को अकेले कानपुर में 52 ट्रेनें 15 घंटे तक देरी से आईं, जिनमें वंदे भारत और राजधानी शामिल थीं। नतीजा यह हुआ कि 3912 यात्रियों ने अपना टिकट रद्द कर दिया। नई दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत 14 घंटे से ज्यादा लेट रही, जबकि कुछ स्पेशल ट्रेनें 16 घंटे तक पीछे चल रही थीं।
यह समस्या सिर्फ कानपुर तक सीमित नहीं है। पूरे उत्तर भारत में घने कोहरे ने रेल यातायात को अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिल्ली डिवीजन में एक दिन में 100 से ज्यादा ट्रेनें लेट हुईं, जबकि पटना-दिल्ली रूट पर राजधानी और दूरंतो जैसी ट्रेनें भी 8-10 घंटे देरी से चल रही हैं। रेलवे ने फॉग सेफ डिवाइस लगाए हैं, जिससे ट्रेनें 75 किमी/घंटा तक चल सकती हैं, लेकिन घने कोहरे में विजिबिलिटी इतनी कम हो जाती है कि लोको पायलट को सावधानी बरतनी पड़ती है। सुरक्षा सबसे ऊपर है, इसलिए स्पीड कम रखी जाती है, लेकिन इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
यात्री सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं – कोई शौचालय की गंदगी की शिकायत कर रहा है, तो कोई खाने-पीने की कमी का। एक यात्री ने लिखा, “15 घंटे लेट ट्रेन में सफर कष्टकारी हो गया है।” रेलवे ने कुछ ट्रेनें पहले से ही कैंसल कर दी हैं ताकि देरी का सिलसिला कम हो, लेकिन कोहरा जब तक छंटेगा नहीं, राहत मिलना मुश्किल है।
यह कोहरा न सिर्फ रेल यात्रा, बल्कि फ्लाइट्स और सड़क यातायात को भी प्रभावित कर रहा है। यात्रियों से अनुरोध है कि ट्रेन की स्टेटस चेक करें, गर्म कपड़े साथ रखें और धैर्य बनाए रखें। उम्मीद है जनवरी आते-आते मौसम साफ होगा और रेलें फिर फर्राटे भरेंगी। तब तक, सर्दी और कोहरे की इस जंग में यात्रियों को मजबूती से सामना करना होगा।






