आगरा में पुलिस की बर्बरता का आरोप: हत्या केस में उठाए युवक के दोनों पैर टूटे, ACP ट्रांसफर, इंस्पेक्टर–SI सस्पेंड
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संवाद 24 संवाददाता।आगरा में पुलिस की थर्ड डिग्री का गंभीर मामला सामने आया है। हत्या के एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए 35 वर्षीय युवक ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उससे जबरन कबूलनामा कराने के लिए दो दिनों तक यातनाएं दीं, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मामला सामने आने के बाद पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने कड़ा कदम उठाया है। अछनेरा सर्किल के एसीपी का तबादला कर दिया गया, जबकि किरावली थाने के इंस्पेक्टर, एक उपनिरीक्षक और बीट अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच डीआईजी और अपर पुलिस आयुक्त को सौंपी गई है।
क्या है पूरा मामला
किरावली क्षेत्र के करहारा गांव में 6 जून को किसान वनवीर सिंह (58) की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। इसी केस में पुलिस ने 20 दिसंबर को गांव के ही रहने वाले राजू (35) को पूछताछ के लिए बुलाया। आरोप है कि उसे हिरासत में रखकर लगातार प्रताड़ित किया गया।
परिजनों के अनुसार, 21 दिसंबर की शाम उन्हें पता चला कि राजू को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहां पहुंचने पर देखा कि उसके दोनों पैरों में प्लास्टर चढ़ा है और वह चलने-फिरने की हालत में नहीं है।

पीड़ित का आरोप
राजू का कहना है कि पुलिस ने उसके पैरों पर डंडों से बेरहमी से वार किए, उल्टा लटकाया और कबूलनामा कराने का दबाव बनाया। मारपीट के दौरान वह बेहोश हो गया। तबीयत बिगड़ने पर पुलिस उसे निजी वाहन से किरावली के अस्पताल ले गई।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
पुलिस आयुक्त ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पीड़ित का इलाज जारी है और मामले ने पुलिस हिरासत में पूछताछ के तरीकों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।






