सपा और माफिया का साथ अटूट, एक के बिना दूसरा अधूरा: केशव मौर्य का तीखा हमला
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कोडीन कफ सिरप मामले से लेकर मतदाता सूची और आरक्षण तक, डिप्टी सीएम ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना
संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला है। शनिवार को अपने बयान में मौर्य ने कहा कि माफिया और समाजवादी पार्टी का रिश्ता ऐसा है, जो एक-दूसरे के बिना चल ही नहीं सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का पूरा तंत्र अपराधियों और माफियाओं के सहारे खड़ा है।
कोडीन युक्त कफ सिरप मामले का जिक्र करते हुए डिप्टी सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस अपराध में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय दोनों स्तर पर जांच चल रही है और जांच में चाहे जिस किसी का भी नाम सामने आए, उसे कानून से कोई नहीं बचा पाएगा। मौर्य ने कहा कि समाज के साथ विश्वासघात करने वालों और सिरप के नाम पर जहर बेचने वालों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा।
अखिलेश यादव पर सीधा प्रहार करते हुए केशव मौर्य ने कहा कि सपा प्रमुख चोरी और सीनाजोरी की राजनीति पर चल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जांच में जिन लोगों के नाम आ रहे हैं या जिनका उल्लेख अखिलेश यादव कर रहे हैं, सभी की भूमिका की गहन जांच होगी और एक-एक आरोपी को कानून के दायरे में लाया जाएगा। डिप्टी सीएम के अनुसार, इस तरह के अपराध पूरे समाज के खिलाफ हैं और ऐसे समाज-द्रोहियों के प्रति सरकार कोई नरमी नहीं बरतेगी।
मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर भी केशव मौर्य ने अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद से सपा प्रमुख का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। मौर्य ने तंज कसते हुए कहा कि पहले उन्हें उम्मीद थी कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनेंगे और फिर उनकी भी बारी आएगी, लेकिन ऐसा न होने से वे लगातार भ्रमित बयान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मतदाता सूची पुनरीक्षण पर अखिलेश यादव के पुराने ट्वीट देखे जाएं, तो रोज नया शब्द और नया तर्क सामने आता है।
डिप्टी सीएम ने मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी बताया। उन्होंने चुनाव आयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पहले भी होती रही है और वर्तमान अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक और विदेशी घुसपैठियों से मुक्त बनाना है। इस दौरान मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जा रहे हैं, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों को हटाया जा रहा है और 18 वर्ष से अधिक आयु के नए मतदाताओं को जोड़ा जा रहा है।
फॉर्म-6 अभियान को लेकर मौर्य ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता बूथ स्तर पर पूरी मेहनत से काम कर रहा है, इसी कारण पार्टी का बूथ तंत्र सबसे मजबूत है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पास कार्यकर्ता नहीं हैं, बल्कि गुंडे, माफिया और अपराधी हैं, और यही उनकी सबसे बड़ी कमजोरी है।
आरक्षण के मुद्दे पर भी उप मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओबीसी, एससी, एसटी और सामान्य वर्ग के गरीबों को मिलने वाला आरक्षण पूरी मजबूती से लागू रहेगा। लेखपाल भर्ती को लेकर उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और किसी भी अधिकारी द्वारा गड़बड़ी किए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। मौर्य ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने का अनुरोध किया है।
यह बयान प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज करने वाला माना जा रहा है।






