UP में कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट, मिल सकता है तीसरा डिप्टी सीएम, छह नए मंत्रियों की एंट्री संभव, साध्वी निरंजन ज्योति सबसे आगे

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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने के बाद अब योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द हो सकता है और इस दौरान छह तक नए मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। खास बात यह है कि इस बार तीसरे उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) की नियुक्ति पर भी गंभीरता से विचार चल रहा है।

तीसरे डिप्टी सीएम की चर्चा तेज

भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए पार्टी अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से किसी नेता को डिप्टी सीएम बनाने के विकल्प पर विचार कर रही है।
फिलहाल योगी सरकार में:

  • केशव प्रसाद मौर्य (OBC)
  • ब्रजेश पाठक (ब्राह्मण)
    डिप्टी सीएम हैं।

नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी OBC समुदाय से आते हैं, ऐसे में सरकार और संगठन में संतुलन साधने के लिए SC चेहरे को आगे लाया जा सकता है।

साध्वी निरंजन ज्योति सबसे मजबूत दावेदार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को तीसरे डिप्टी सीएम पद का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
पार्टी सूत्रों का मानना है कि:

  • महिला नेतृत्व को मजबूती
  • पिछड़े और वंचित वर्गों में संदेश
  • 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक समीकरण
    इन तीनों दृष्टियों से यह कदम अहम हो सकता है।

कितने मंत्री जुड़ सकते हैं

योगी सरकार में फिलहाल 54 मंत्री हैं, जबकि अधिकतम संख्या 60 है। यानी:

  • 6 पद खाली हैं
  • इनमें कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्री शामिल हो सकते हैं

सूत्रों के मुताबिक, इस विस्तार में कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है, जिनके कामकाज को लेकर संगठन में असंतोष है।

पंकज सिंह और भूपेंद्र चौधरी के नाम चर्चा में

कैबिनेट विस्तार में जिन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें शामिल हैं:

  • पंकज सिंह – नोएडा से विधायक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र
  • भूपेंद्र चौधरी – वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व पंचायती राज मंत्री

एक वरिष्ठ भाजपा नेता के मुताबिक,

“पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को कैबिनेट में शामिल करना लगभग तय है। पश्चिमी यूपी के जाट समुदाय के लिहाज से यह राजनीतिक रूप से जरूरी कदम है।”

भूपेंद्र चौधरी अगस्त 2022 तक योगी कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं और जाट समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

सपा के बागी नेताओं को भी मिल सकती है जगह

सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी से बगावत कर चुके कुछ नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इनमें प्रमुख नाम हैं:

  • पूजा पाल
  • मनोज पांडेय
  • महेंद्र सिंह

इसके अलावा, सहयोगी दलों राष्ट्रीय लोक दल (RLD) और अपना दल को भी प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

2027 चुनाव की तैयारी का हिस्सा

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पूरा कैबिनेट विस्तार:

  • 2027 विधानसभा चुनाव
  • सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन
  • संगठन और सरकार के बीच तालमेल
    को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

नया प्रदेश अध्यक्ष तय होने के बाद अब निगाहें दिल्ली और लखनऊ के बीच होने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हैं। अगले कुछ दिनों में इस पर आधिकारिक ऐलान हो सकता है।

Samvad 24 Office
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