2025 की विदाई से पहले आध्यात्मिक पड़ाव: वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के सान्निध्य में भावुक दिखे विराट–अनुष्का
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संवाद 24 संवाददाता।
क्रिकेट और सिनेमा की चमक-दमक से दूर, भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज़ विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने वर्ष 2025 के समापन से पहले आध्यात्मिक शांति का मार्ग चुना। दोनों एक बार फिर वृंदावन पहुंचकर संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में दिखाई दिए, जहां उन्होंने पूरी विनम्रता और श्रद्धा के साथ महाराज जी के प्रवचन सुने।
सर्द मौसम में ऊनी कपड़ों में लिपटे विराट और अनुष्का माथे पर तिलक लगाए ज़मीन पर बैठे नज़र आए। आश्रम परिसर में किसी तरह का दिखावा नहीं, बल्कि गहरी साधना और एकाग्रता का भाव देखने को मिला। महाराज जी की वाणी सुनते हुए अनुष्का शर्मा भावुक हो गईं और उनकी आंखों में आंसू साफ झलकते दिखे, जबकि विराट कोहली शांत भाव से हर बात को ध्यानपूर्वक सुनते रहे।
सेवा, विनम्रता और नामस्मरण का संदेश
प्रेमानंद महाराज ने दोनों को जीवन के सार से जुड़ी सीख दी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने कर्म को सेवा मानकर करना चाहिए, विनम्र रहना चाहिए और ईश्वर के नाम का स्मरण करते रहना चाहिए। उनका संदेश था कि सांसारिक उपलब्धियों से ऊपर उठकर परमात्मा से जुड़ाव ही सच्चा सुख देता है।
इस दौरान अनुष्का शर्मा ने भावुक स्वर में कहा, “हम आपके हैं महाराज जी,” जिस पर संत प्रेमानंद ने मुस्कुराते हुए उत्तर दिया कि “हम सब श्रीजी के हैं, वही हमारे वास्तविक संरक्षक हैं।” यह क्षण आश्रम में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए भी गहरी आध्यात्मिक अनुभूति बन गया।
चर्चाओं से दूर, आस्था के करीब
जहां एक ओर देश में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल स्टार लियोनल मेसी के भारत आगमन को लेकर उत्साह चरम पर है और कई नामचीन हस्तियां उनसे मिलने की कोशिशों में जुटी हैं, वहीं विराट-अनुष्का ने इस शोर-शराबे से दूरी बनाकर आध्यात्मिक शांति को प्राथमिकता दी। उनका वृंदावन आगमन इस बात का संकेत है कि निजी जीवन में वे आस्था और संतुलन को सर्वोपरि मानते हैं।
परिवार संग भी ले चुके हैं आशीर्वाद
यह पहला मौका नहीं है जब यह स्टार कपल प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए पहुंचा हो। इससे पहले भी वे कई बार वृंदावन आ चुके हैं और अपने बच्चों वामिका व अकाय को भी महाराज जी का आशीर्वाद दिला चुके हैं। आश्रम में भले ही कई प्रसिद्ध चेहरे आते हों, लेकिन विराट और अनुष्का की सादगी, शालीनता और श्रद्धा उन्हें अलग पहचान देती है।






