इंस्पेक्टर की मौत में महिला सिपाही गिरफ्तार: ब्लैकमेलिंग में 25 लाख की मांग, 3 मिनट में थाने से भागी
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संवाद 24, जालौन। इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की संदिग्ध मौत के मामले में महिला सिपाही मीनाक्षी शर्मा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। रविवार को कोर्ट के आदेश पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में उरई जेल भेज दिया गया। पुलिस पूछताछ के दौरान मीनाक्षी ट्रैक सूट और चेहरे पर रुमाल बांधे नजर आई।
शनिवार से ही पुलिस की कस्टडी में रखी गई महिला सिपाही से जांच टीम पूछताछ कर रही थी। सूत्रों के अनुसार, वह कई सवालों का जवाब स्पष्ट नहीं दे पाई। रविवार दोपहर उसे मेडिकल परीक्षण के लिए कुठौंद के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
कमरे में मौजूदगी और FIR की वजह
मौत के समय महिला सिपाही इंस्पेक्टर के कमरे में मौजूद थी। इसके बाद इंस्पेक्टर राय की पत्नी माया राय ने हत्या या हत्या करवाने की आशंका जताते हुए FIR कराई। पुलिस को घटना आत्महत्या या दबाव में उठाया गया कदम, दोनों में से किसी रूप में संदिग्ध लग रही है।
ब्लैकमेलिंग का एंगल: 3 लाख का हार, 25 लाख की मांग
पुलिस जांच में सामने आया है कि मीनाक्षी और इंस्पेक्टर राय जुलाई 2024 से संपर्क में थे। दोनों की मुलाकात कोंच थाने में हुई थी। यह भी पता चला कि मीनाक्षी iPhone इस्तेमाल करती थी और हाल ही में 3 लाख का हार खरीदा, जिसे दिलाने में कथित रूप से इंस्पेक्टर की भूमिका थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मीनाक्षी 25 लाख रुपए की मांग के लिए इंस्पेक्टर पर दबाव बना रही थी और वह उनके निजी वीडियो के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी।
घटना की मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन
- 9:13 PM — मीनाक्षी थाने में दाखिल हुई और किसी से फोन पर बात करती हुई इंस्पेक्टर के कमरे की ओर गई।
- 9:17 PM — गोली चलने की आवाज आई, पुलिसकर्मियों ने मीनाक्षी को चिल्लाते देखा कि, “साहब ने खुद को गोली मार ली।”
- 9:18 PM — मीनाक्षी तुरंत थाने से भाग गई।
- कमरे का हाल — शव मच्छरदानी के अंदर मिला, सर्विस रिवॉल्वर पेट पर पड़ी थी, गोली सिर के आर-पार हो गई थी।
इंस्पेक्टर की पत्नी की शिकायत
मृतक की पत्नी ने कहा—
“मेरे पति का BP था, वह ऐसे कदम उठा ही नहीं सकते। मीनाक्षी वहां क्या करने आई थी, किसने भेजा था? यह हत्या है। हम CM योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग करते हैं।”
जांच में 3 बड़ी बातें सामने
1) सिपाही शादी खर्च के लिए 25 लाख मांग रही थी
मीनाक्षी की 2026 में शादी होनी है। महिला सिपाही कथित रूप से इंस्पेक्टर पर अपनी शादी का खर्च उठाने का दबाव बना रही थी।
2) तीन मोबाइल और चार सिम जब्त
मीनाक्षी के पास 3 मोबाइल, 4 सिम, जबकि इंस्पेक्टर के पास 3 सिम मिले। सभी फोन डेटा, चैट बैकअप और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
3) घटना में कोई तीसरा व्यक्ति शामिल नहीं
पहले सिपाही अंकित का नाम सामने आया, पर CDR और फुटेज में उसकी कोई भूमिका नहीं मिली। वह सिर्फ गाड़ी छोड़कर वापस चला गया था।
आरोपी सिपाही का विवादित इतिहास
- मेरठ निवासी मीनाक्षी शर्मा 2019 में भर्ती हुई।
- पीलीभीत पोस्टिंग के दौरान उसने एक सिपाही पर शादी का झांसा देकर धोखाधड़ी का केस किया।
- विवाद के बाद 3 अक्टूबर 2022 को उसका स्थानांतरण जालौन हुआ।
- नवंबर 2025 में सगाई के बाद से वह लगातार छुट्टी और गैरहाज़िरी में रही।
इंस्पेक्टर अरुण राय: ईमानदार छवि, 1998 में भर्ती
- धनघटा (संत कबीरनगर) निवासी, 1998 में सिपाही, 2012 में दरोगा, 2023 में इंस्पेक्टर बने।
- शांत, मिलनसार और सख्त अधिकारी के रूप में पहचान।
- उनका पुत्र कोटा में NEET की तैयारी कर रहा है।
- शनिवार रात गॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस का बयान
एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने कहा,
“जांच जारी है। महिला सिपाही पर FIR दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। जो भी दोषी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”






