दिल्ली का मास्टर ठग: साउथ के सुपरस्टार से लेकर दुबई तक, 970 करोड़ का खेल!
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संवाद 24 संवाददाता। एक नाम – रवीन्द्र नाथ सोनी। पता – दिल्ली का मालवीय विहार। शक्ल – स्मार्ट, सूट-बूट वाला बिजनेसमैन। लेकिन असलियत? अंतरराष्ट्रीय स्तर का ठग, जिसने दक्षिण भारतीय फिल्मों के मशहूर अभिनेता सूरज जुमानी से लेकर दुबई, अमेरिका, मलेशिया तक के हजारों लोगों को चपत लगाई। कुल जखीरा? करीब 970 करोड़ रुपये!
शुक्रवार को सूरज जुमानी खुद कानपुर पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के सामने पहुंचे और अपनी आपबीती सुनाई। चार करोड़ रुपये डुबो चुका है यह ठग उनके भी। सूरज चेन्नई के रहने वाले हैं और दुबई में भी कई फिल्मों में काम कर चुके हैं। दोनों की मुलाकात दुबई में ही हुई थी, जब रवीन्द्र नाथ सोनी वहां किसी बैंक में सेल्स मैनेजर था। अच्छी-खासी दोस्ती हुई, भरोसा बना और फिर शुरू हुआ ठगी का खेल।
ब्लूचिप का चमकदार जाल
रवीन्द्र ने “ब्लूचिप टोकन”, “ब्लूचिप कार्मिशल ब्रोकर” और “ब्लूचिप ग्रुप ऑफ कंपनीज” जैसी चमकदार नामों वाली कंपनियां खड़ी कीं। वादा? 30-40 प्रतिशत तक मुनाफा, वो भी कुछ ही महीनों में। लोग लालच में आए, पैसे ट्रांसफर किए। दो साल पहले दुबई में जब इस कंपनी का भव्य उद्घाटन हुआ था, तब तो सोनू सूद और रेसलर द ग्रेट खली को भी ब्रांड एम्बेसडर बना दिया था। नाम सुनकर कौन शक करेगा?
लेकिन सच यह था कि जमा हुए पैसे सीधे 12 से ज्यादा बैंक खातों में जाते थे। फिर अमेरिका में बैठी एक महिला सहित उसके दो साझेदार उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते थे। बाकी रकम हवाला के रास्ते विदेशों में गायब।
दुबई की जेल से भारत तक नए शिकार
दुबई पुलिस ने जब शिकायत मिली तो रवीन्द्र को पकड़कर जेल भेज दिया। करीब छह महीने सलाखों के पीछे रहा। रिहा होने के बाद भारत लौटा तो नया खेल शुरू – केरल, लखनऊ, अलीगढ़, दिल्ली, पानीपत, मुंबई और कानपुर तक लोग इसके जाल में फंसे। कानपुर के परेड क्षेत्र के अब्दुल करीम और दुबई में नौकरी करने वाले उनके बेटे तलहा करीम से भी 42 लाख से ज्यादा रुपये ठग लिए। वादा वही – “पैसे दोगुने हो जाएंगे”।
पुलिस अब सख्त
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपी के सारे बैंक खातों, क्रिप्टो वॉलेट और हवाला नेटवर्क की छानबीन की जा रही है। कई देशों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है। सूरज जुमानी जैसे हाई-प्रोफाइल शिकार के आने से अब मामला और गंभीर हो गया है।
नामचीन कंपनियां, सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट, 40% रिटर्न का लालच – ये सारे लक्षण किसी स्कैम के हैं। अगर कोई “गारंटीड ऊंचा मुनाफा” देने का वादा करे, तो एक बार नहीं, दस बार सोचें। SEBI रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म चेक करें, कंपनी का बैकग्राउंड देखें और सबसे जरूरी – लालच पर काबू रखें।
रवीन्द्र नाथ सोनी जैसे ठग चाहे जितने स्मार्ट हों, कानून की लंबी हाथ उन तक जरूर पहुंचते हैं। बस जरूरत है शिकायत करने की हिम्मत की – जैसी सूरज जुमानी ने दिखाई। कानपुर पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय ठग पर पूरी तरह शिकंजा कसने की तैयारी में है। आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।






