औऱैया के शस्त्र कारोबारी भाइयों के ठिकानों पर NIA के छापे, चार गिरफ्तार
Share your love

नक्सल प्रभावित इलाकों में गन और कारतूस भेजने का नेटवर्क, एक करोड़ की नकदी जब्त
औऱैया। नक्सल प्रभावित राज्यों में अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को औऱैया, कानपुर देहात और लखनऊ में कई स्थानों पर छापेमारी की। औऱैया में शस्त्र कारोबारी रहे दो भाइयों के प्रतिष्ठानों और घरों की तलाशी ली गई। छापों के दौरान एक करोड़ रुपए से अधिक की नकदी, कई डिवाइस और हथियार संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
नोट छापने वाली मशीन भी बरामद
NIA की टीम ने औऱैया में शस्त्र कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठान पेट्रोल पंप और आवासीय परिसर में करीब 12 घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान नोट छापने वाली मशीन भी मिली, जिसे नकली नोट बनाने में इस्तेमाल किए जाने का संदेह है। मशीन सील कर टीम के साथ जब्त कर ली गई।
इसके अलावा टीम को कई प्रतिबंधित डिवाइस, संदिग्ध ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, फायरिंग डिवाइस और ऑपरेटिंग मैनुअल मिले हैं। NIA इनके जरिए सप्लाई चेन और रिसीवर नेटवर्क का पता लगा रही है।
देश के कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
एजेंसी ने बताया कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, पंजाब और दिल्ली तक फैला यह नेटवर्क नक्सल प्रभावित जिलों में हथियार और कारतूस सप्लाई करता था। बिहार में पांच माह पहले 3700 कारतूस पकड़े गए थे, जिनके तार औऱैया के कारोबारी परिवार से जुड़े मिले थे। इन्हीं सुरागों के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई।
परिवार पर पहले भी आरोप
सूत्रों के मुताबिक औऱैया का यह परिवार 1988 से लाइसेंस लेकर हथियारों का कारोबार कर रहा था। 1996 और 1997 में भी इस पर गैरकानूनी सप्लाई के आरोप लगे थे। एक भाई के निधन के बाद बेटों ने कारोबार संभाल लिया। अब NIA यह जांच कर रही है कि लाइसेंसधारी शस्त्र कारोबार को अवैध सप्लाई चैन में कैसे बदला गया।
कानपुर में भी NIA की कार्रवाई
कानपुर देहात और लखनऊ में भी NIA की टीमों ने समानांतर तलाशी ली। यहां से मोबाइल डेटा, लैपटॉप और हथियार लाइसेंस से संबंधित दस्तावेज पकड़े गए। एजेंसियों के मुताबिक डिजिटल डिवाइस से नक्सल नेटवर्क से हुए लेन-देन, हथियार खरीद और भुगतान की जानकारी मिलने की संभावना है।
आगे की कार्रवाई
सभी गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर NIA रिमांड पर लेगी। छापेमारी में जब्त ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और डिवाइस की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि जल्द और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।






