कानपुर: मेधावी छात्र रौनक पाठक की खुदकुशी रहस्यों से घिरी, पुलिस मोबाइल–लैपटॉप की करेगी फॉरेंसिक जांच
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पढ़ाई का दबाव प्रमुख वजह मान रही पुलिस
कानपुर में इंटरमीडिएट के उज्ज्वल और शांत स्वभाव वाले छात्र रौनक पाठक ने सोमवार सुबह जूही यार्ड के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। हाईस्कूल में 97.04% अंक लाने वाले और सिटी टॉपर रहे रौनक की मौत से परिवार सदमे में है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे पढ़ाई के प्रेशर या मानसिक तनाव से जुड़ा मामला मान रही है।
सुबह घर से सामान लेने का कहकर निकला, थोड़ी देर में मिली दर्दनाक खबर
रौनक रविवार को फिजिक्स का प्री-बोर्ड देकर आया था। सोमवार सुबह 6 बजे वह बाइक से निकला, कहा— “कुछ सामान लेना है।”
कुछ समय बाद परिवार को पता चला कि वह रेलवे ट्रैक पर मृत पाया गया।
- पास में उसकी बाइक खड़ी मिली
- शव ट्रैक के पास खून से लथपथ मिला
- मां ललिता बेटे की हालत देखकर बेहोश हो गईं
- पिता आलोक पाठक रो-रोकर बदहाल हैं
परिजनों के अनुसार, रौनक ने कभी किसी परेशानी का ज़िक्र नहीं किया था।
पढ़ाई का दबाव? पुलिस को डिजिटल क्लूज़ की तलाश
पुलिस को पहला शक पढ़ाई के दबाव पर है, क्योंकि रौनक बेहद होशियार था और हमेशा टॉप करता था।
लेकिन किसी स्पष्ट कारण के न मिलने पर पुलिस:
✔ मोबाइल फोन
✔ लैपटॉप
✔ सोशल मीडिया एक्टिविटी
✔ कॉल डिटेल
की फॉरेंसिक जांच कराने जा रही है।
उसके दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है।
GRP ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
स्कूल व पड़ोस में शोक, सभी के मन में एक ही सवाल
रौनक के स्कूल बृज किशोरी देवी मेमोरियल स्कूल में शोक की लहर है।
शिक्षक और पड़ोसी कह रहे हैं—
“इतना होनहार बच्चा… आखिर किस दर्द से टूट गया कि किसी से कह भी न सका?”
परिवार पूरी तरह टूट चुका है
पिता आलोक पाठक, मां ललिता और बहन मिनी का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार बार-बार यही सवाल दोहरा रहा है—
“ऐसी क्या मजबूरी थी कि उसने इतनी बड़ी बात भी हमसे छुपा ली?”






