CMO अवैध क्लिनिक में पकड़े गए, पुलिस देखकर टॉयलेट में छिपे
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संवाद 24
बिजनौर में रविवार को बड़ा खुलासा हुआ जब मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील तेवतिया को महिला आयोग की सदस्य संगीता जैन ने पुलिस टीम के साथ छापा मारकर एक अवैध प्राइवेट क्लिनिक चलाते हुए पकड़ा। टीम को देखते ही डॉ. तेवतिया अपने केबिन में बने टॉयलेट में भागकर बंद हो गए। पुलिस करीब 5 मिनट तक दरवाजा खटखटाती रही, जिसके बाद जब फोर्स ने दरवाजा तोड़ने की चेतावनी दी तो वे कांपते हुए बाहर निकले।
डॉ. तेवतिया बिजनौर के चांदपुर थाना क्षेत्र में देवी मंदिर के पास ‘जनजीवन नर्सिंग होम’ नाम से यह क्लिनिक चला रहे थे। क्लिनिक के गेट पर उनका नाम CMO पद के साथ लिखा हुआ था।

छापेमारी के दौरान संगीता जैन ने उन्हें फौरन फटकार लगाई और पूछा कि इतने बड़े पद पर रहते हुए अवैध क्लिनिक कैसे चला रहे हैं। डॉ. तेवतिया बार-बार यही कहते रहे कि “मैं कोई क्लिनिक नहीं चला रहा हूं, मैंने कुछ गलत नहीं किया।” लेकिन सामने स्पष्ट बोर्ड लगा था और मरीजों से पूछताछ में स्थानीय पैथोलॉजी से टाईअप कर उगाही की बात भी सामने आई।
करीब 15 मिनट तक दोनों के बीच तीखी बहस हुई। संगीता जैन ने मौके पर ही कहा कि वह इस मामले की शिकायत उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, स्वास्थ्य विभाग और बिजनौर के CMO से करेंगी। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही और पद के दुरुपयोग का मामला बताया।
डॉ. तेवतिया का घर बिजनौर में है और वे मुजफ्फरनगर में CMO पद पर तैनात हैं। यह अवैध क्लिनिक जिला मुख्यालय से लगभग 36 किलोमीटर दूर संचालित किया जा रहा था।
पुलिस कार्रवाई के बाद टीम दोपहर डेढ़ बजे क्लिनिक से रवाना हो गई। संगीता जैन ने कहा कि उन्हें स्वास्थ्य अधिकारियों के भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतें मिलती रहती हैं और यह घटना इस बात का बड़ा उदाहरण है कि सिस्टम के भीतर से ही नियम तोड़े जा रहे हैं।
यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है और कार्रवाई की संभावना प्रबल है।






