शैक्षणिक संस्थानों में अनिवार्य होगा ‘वंदे मातरम्’ का गायन : मुख्यमंत्री
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अब ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह गीत हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है, जिसे गाना हर भारतीय का कर्तव्य है।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एकता यात्रा के दौरान की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के समय ‘वंदे मातरम्’ ने देश की जनता में ऊर्जा, एकजुटता और देशभक्ति की भावना जगाई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश कुछ लोगों ने इसे विभाजनकारी राजनीति में उलझा दिया।
योगी ने कहा कि “अब किसी को ‘वंदे मातरम्’ बोलने या गाने में झिझक नहीं होनी चाहिए। यह राष्ट्र के प्रति हमारी श्रद्धा का प्रतीक है, न कि किसी धर्म विशेष का गीत।”
????️ “पाकिस्तान जाने से पहले ही फैसले पर पछताए थे जिन्ना”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरदार पटेल की दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि पटेल को आज़ादी के बाद पूरा भारत एकीकृत करने की जिम्मेदारी पहले दी गई होती, तो शायद विभाजन की त्रासदी से देश को नहीं गुजरना पड़ता। उन्होंने कहा कि “जो लोग देश तोड़ने के सपने देख रहे थे, उन्हें जल्द ही अपनी गलती का एहसास हो गया था।”
योगी ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी नीतियों और दृढ़ता से सैकड़ों रियासतों को भारत में विलय कराया और अखंड भारत की नींव रखी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
???? वंदे मातरम् न गाने वाले छात्र स्कूल से होंगे बाहर : मंत्री
महिला एवं बाल विकास मंत्री गीता शाक्य ने कहा कि किसी भी छात्र को यदि ‘वंदे मातरम्’ गाने में आपत्ति है, तो उसे विद्यालय से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि “राष्ट्रगीत हमारे देश की पहचान है, इसे गाना हर नागरिक का सम्मानजनक कर्तव्य है।”
???? संदेश का सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए कहा कि “भारत की एकता, अखंडता और संस्कृति का आधार हमारी राष्ट्रभक्ति है। इसे बचाए रखने के लिए आवश्यक है कि हर नागरिक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सम्मानपूर्वक गायन करे।”






