पेंशन घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: 2.5 करोड़ की संपत्ति सीज, बर्खास्त अधिकारी पर शिकंजा
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उत्तर प्रदेश के लखनऊ और शाहजहांपुर से जुड़े बहुचर्चित वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बर्खास्त समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार की करीब 2.5 करोड़ रुपये की संपत्ति सीज कर दी है। यह कार्रवाई उस घोटाले के बाद हुई, जिसमें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर संगठित तरीके से करोड़ों रुपये हड़पे गए थे।
फर्जी खातों के जरिए हुआ बड़ा खेल
जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में आरोपित अधिकारी ने ऑपरेटरों के साथ मिलकर लाभार्थियों के बैंक खातों में हेरफेर किया। असली लाभार्थियों के स्थान पर फर्जी या बदले गए खातों में पेंशन की रकम ट्रांसफर कर दी जाती थी, जिसे बाद में गिरोह द्वारा निकाल लिया जाता था। इस सुनियोजित तरीके से करीब 2.52 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि का गबन किया गया।
जेल से जमानत तक, फिर भी नहीं बच पाया शिकंजा
मामले में आरोपी समेत कई लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेजा गया था। हालांकि बाद में आरोपी जमानत पर बाहर आ गया, लेकिन शासन स्तर पर जांच में दोषी पाए जाने के बाद उसे नवंबर 2025 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने उसकी संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया तेज कर दी।
लखनऊ में गेस्ट हाउस और जमीन सीज
प्रशासनिक टीम ने लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र में स्थित एक गेस्ट हाउस, जमीन और एक वाहन को सीज किया है। कुल मिलाकर लगभग 2.53 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को जब्त किया गया है। अब आरोपी इन संपत्तियों को बेच या हस्तांतरित नहीं कर सकेगा।
सीतापुर में पहले ही बेच दी संपत्ति
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सीतापुर में स्थित कुछ संपत्तियों को आरोपी पहले ही बेच चुका था। बताया जा रहा है कि उसने कुर्की के आदेश से पहले ही यह कदम उठाया, जिससे प्रशासन को नुकसान हुआ। फिलहाल पुलिस अन्य संपत्तियों और वाहनों की जानकारी जुटाने में लगी है।
प्रशासन सख्त, अन्य आरोपितों पर भी नजर
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपितों की भी संपत्तियों की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाई संभव है। सरकार की मंशा साफ है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।






