शाहजहांपुर की स्मार्ट रोड: सपनों की राह या अड़चनों का जाल?

शाहजहांपुर में बहुप्रतीक्षित स्मार्ट रोड परियोजना एक बार फिर सुर्खियों में है। करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क शहर को जाम से राहत और आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का वादा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत में अभी भी कई बाधाएं विकास की रफ्तार को थामे हुए हैं।

जाम से निजात दिलाने वाली लाइफलाइन बनेगी सड़क

केरुगंज से पुत्तूलाल चौराहे तक का मार्ग वर्तमान में शहर के सबसे व्यस्त और जामग्रस्त क्षेत्रों में गिना जाता है। रोजाना लगने वाले जाम से आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।प्रस्तावित स्मार्ट रोड के निर्माण के बाद इस समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह सड़क सीधे नेशनल हाईवे से कनेक्टिविटी देगी, जिससे शहर के अंदरूनी हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और आवागमन सुगम बनेगा।

फुटपाथ, बेंच और हाईटेक लाइटिंग से बदलेगी तस्वीर

स्मार्ट रोड को केवल यातायात के लिए नहीं, बल्कि एक आधुनिक शहरी कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के तहत चौड़ी और मजबूत सड़क का निर्माणआकर्षक और ऊर्जा दक्ष स्ट्रीटलाइटें व्यवस्थित फुटपाथ राहगीरों के लिए बैठने की बेंच डिवाइडर पर हरियाली और पौधरोपण इन सुविधाओं से सड़क न केवल उपयोगी बल्कि सौंदर्य की दृष्टि से भी आकर्षक बनेगी।

अतिक्रमण बना सबसे बड़ा रोड़ा

परियोजना की सबसे बड़ी बाधा अतिक्रमण है। कई स्थानों पर अवैध कब्जों के कारण सड़क चौड़ीकरण का कार्य प्रभावित हो रहा है।पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार के अनुसार, मघईटोला क्षेत्र में अतिक्रमण का चिन्हांकन किया जा चुका है और यदि नगर निगम समय रहते कार्रवाई करता है, तो निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सकती है।वहीं, नगर निगम के मुख्य अभियंता आशीष त्रिवेदी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही अतिक्रमण हटाकर परियोजना को गति दी जाएगी।

बिजली लोड और समन्वय की कमी से बढ़ी देरी

स्मार्ट रोड पर लगाई गई आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था भी फिलहाल “शोपीस” बनकर रह गई है। बिजली लोड स्वीकृति और विभागीय समन्वय की कमी के कारण हैंडओवर प्रक्रिया अटकी हुई है।इस वजह से करोड़ों की लागत से लगी करीब 100 फैंसी लाइटें अभी तक पूरी तरह उपयोग में नहीं आ पा रही हैं, जिससे परियोजना की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल बदहाल है सड़क की स्थित

वर्तमान में यह मार्ग बेहद जर्जर हो चुका है। गड्ढों और संकरी सड़क के कारण वाहनों की आवाजाही में दिक्कत होती है। कई जगह अतिक्रमण ने हालात और भी खराब कर दिए हैं।इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी को सौंपा, जबकि अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी खुद अपने पास रखी।

जनता की उम्मीदें बनाम प्रशासनिक चुनौतियां

शहरवासियों को इस स्मार्ट रोड से बड़ी उम्मीदें हैं, लेकिन लगातार सामने आ रही तकनीकी और प्रशासनिक बाधाएं परियोजना की समयसीमा पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं।यदि अतिक्रमण हटाने और विभागीय समन्वय की समस्याएं जल्द दूर नहीं हुईं, तो यह “स्मार्ट रोड” केवल कागजों और अधूरे ढांचे तक सीमित रह सकती है।

निष्कर्ष: समाधान निकला तो बदलेगी शहर की तस्वीर

शाहजहांपुर की यह स्मार्ट रोड परियोजना शहर के ट्रैफिक और शहरी विकास के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। लेकिन इसके लिएजरूरी है—
✔️ अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई
✔️ विभागों के बीच बेहतर समन्वय
✔️ समयबद्ध कार्यान्वयनयदि ये चुनौतियां समय रहते सुलझा ली गईं, तो यह सड़क शाहजहांपुर के विकास की नई पहचान बन सकती है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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