कालिदास मार्ग से ‘पाठक’ निवास तक: बदलती सियासत का बड़ा संकेत

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ता दिख रहा है। अब तक जहां सत्ता के अहम फैसलों का केंद्र मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग हुआ करता था, वहीं पहली बार भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सरकारी आवास पर आयोजित की जा रही है। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे, जिससे सत्ता और संगठन के बीच नए समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है।

सामूहिक नेतृत्व’ का संदेश या रणनीतिक बदलाव?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह केवल स्थान परिवर्तन नहीं बल्कि भाजपा के भीतर “सामूहिक नेतृत्व” की रणनीति का संकेत हो सकता है। इससे पहले सभी अहम कोर कमेटी बैठकों का आयोजन सीएम आवास या पार्टी मुख्यालय में ही होता रहा है।यह पहला मौका है जब किसी डिप्टी सीएम के आवास पर इस स्तर की नीति निर्धारण बैठक हो रही है, जिससे सत्ता के विकेंद्रीकरण और संगठन को मजबूत करने का संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है।

2022 का संदर्भ और वर्तमान का अंतर

साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर पहुंचे थे, लेकिन वह एक औपचारिक राजनीतिक बैठक नहीं बल्कि भोजन कार्यक्रम था।वहीं इस बार की बैठक पूरी तरह से नीतिगत निर्णयों और रणनीतिक मंथन पर केंद्रित है, जो इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना देता है।

मिशन 2027’ पर फोकस: तय होंगी समय-सीमाएं

बैठक का मुख्य एजेंडा आगामी विधानसभा चुनाव यानी “मिशन 2027” है। सूत्रों के अनुसार—30 मार्च तक सभी जिलों की कार्यकारिणी गठित करने का लक्ष्य15 अप्रैल तक नई प्रदेश टीम की घोषणा15 मई तक निगमों, आयोगों और बोर्डों में लंबित नियुक्तियां पूरी करने की योजना इसके अलावा पंचायत चुनावों को ध्यान में रखते हुए ओबीसी आयोग के गठन और सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति पर भी चर्चा होगी।

संघ की नाराजगी के बाद बड़ा मंथन

हाल ही में हुई समन्वय बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मंत्रियों और विधायकों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी।मुख्य चिंताएं थीं—संगठन और सरकार के बीच तालमेल की कमीनेताओं के विवादित बयानकार्यकर्ताओं की उपेक्षाअब इस कोर कमेटी बैठक में इन मुद्दों को सुधारने, कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और राष्ट्रवाद” को केंद्र में रखने की रणनीति पर अंतिम मुहर लग सकती है 

सियासी संकेत: क्या बदल रहा है यूपी का पावर सेंटर?

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर बैठक होना कई संकेत देता हैभाजपा नेतृत्व में नई शक्ति संतुलन की शुरुआतचुनाव से पहले अंदरूनी असंतोष को खत्म करने की रणनीतिस्पष्ट है कि 2027 के चुनाव से पहले भाजपा किसी भी तरह की ढील नहीं देना चाहती और संगठन से लेकर सरकार तक हर स्तर पर तालमेल मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।यह बैठक केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सत्ता संरचना में संभावित बदलाव का संकेत है। आने वाले दिनों में इसके प्रभाव संगठनात्मक फेरबदल, नियुक्तियों और चुनावी रणनीतियों में साफ दिखाई दे सकते हैं।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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