T20 World Cup पहली बार कानपुर पहुंची विश्व टी20 क्रिकेट ट्रॉफी, कुलदीप यादव के शहर में गूंजा ‘इंडिया इंडिया’
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संवाद 24 संवाददाता। भारतीय क्रिकेट के सुनहरे सपनों की प्रतीक विश्व टी20 क्रिकेट ट्रॉफी शनिवार को पहली बार कानपुर पहुंची। यह ऐतिहासिक मौका शहर के लिए खास रहा, क्योंकि ट्रॉफी का यह दौरा कानपुर के स्टार स्पिनर और ‘चाइनामैन’ गेंदबाज कुलदीप यादव के कारण संभव हो सका। ट्रॉफी टूर के तहत बर्रा स्थित केडीएमए इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
ट्रॉफी के पहुंचते ही स्कूल परिसर ‘इंडिया इंडिया’ के नारों से गूंज उठा। सैकड़ों की संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं, क्रिकेट प्रेमियों और खिलाड़ियों ने टीम इंडिया के समर्थन में शुभकामना संदेश लिखे और एक बार फिर भारत को विश्व विजेता बनाने की कामना की। हर चेहरे पर ट्रॉफी को देखने और उसे छूने की उत्सुकता साफ नजर आई।
शनिवार को यह ट्रॉफी धाकड़ बल्लेबाज रिंकू सिंह के शहर अलीगढ़ से होते हुए कुलदीप यादव के शहर कानपुर पहुंची। स्कूल परिसर में ट्रॉफी का भव्य स्वागत कुलदीप यादव के पिता राम सिंह, पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके खिलाड़ियों ने किया। इस अवसर पर क्रिकेट से जुड़े क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ, जिसमें छात्र-छात्राओं से क्रिकेट से संबंधित सवाल पूछे गए। सही जवाब देने वालों को विश्व कप जर्सी और कैप भेंट कर सम्मानित किया गया।
इसके बाद यूपी टी20 लीग के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ट्रॉफी लेकर स्कूली बच्चों और अकादमी के खिलाड़ियों के बीच पहुंचे। इस दौरान पूरे परिसर में उत्साह चरम पर पहुंच गया और ‘इंडिया इंडिया’ के नारों से माहौल देशभक्ति और क्रिकेट प्रेम से सराबोर हो गया। ट्रॉफी की एक झलक पाने के लिए हर कोई बेताब नजर आया।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. संजय कपूर ने कहा कि यह गर्व की बात है कि विश्व टी20 ट्रॉफी पहली बार कानपुर आई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय टीम लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतकर ट्रॉफी को अपने नाम करेगी। उन्होंने कहा कि शहर के सितारे कुलदीप यादव के कारण आज कानपुर के हर क्रिकेट प्रेमी का सपना पूरा हुआ है। हमें पूरी उम्मीद है कि इस बार भी टीम इंडिया विश्व कप जीतेगी और कुलदीप यादव ट्रॉफी लेकर दोबारा अपने शहर आएंगे।
विश्व टी20 ट्रॉफी के इस ऐतिहासिक दौरे ने न सिर्फ कानपुर के क्रिकेट प्रेमियों को गौरवान्वित किया, बल्कि युवा खिलाड़ियों और छात्रों में भी भारतीय क्रिकेट के प्रति नया जोश और प्रेरणा भर दी।






