‘पार्टी भटक रही है’ UGC नियमों पर मऊ में BJP नेताओं का बगावती कदम
Share your love

संवाद 24 मऊ। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू की गई नई नियमावली 2026 को लेकर अब भारतीय जनता पार्टी के भीतर भी विरोध के स्वर तेज होते दिखाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में भाजपा के 20 कार्यकर्ताओं ने इन नियमों के विरोध में सामूहिक रूप से पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम को पार्टी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
इस्तीफा देने वालों में सेक्टर अध्यक्ष, चार बूथ अध्यक्ष और अन्य सक्रिय कार्यकर्ता शामिल हैं। सभी कार्यकर्ताओं ने अपना इस्तीफा मऊ जिला भाजपा अध्यक्ष को सौंपा। विरोध के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी का झंडा जलाए जाने की भी सूचना सामने आई है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।
मऊ के सेक्टर 356 के अध्यक्ष राम सिंह ने अपने इस्तीफे में आरोप लगाया कि भाजपा अपनी मूल विचारधारा से भटकती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व द्वारा UGC के नए नियमों को समर्थन देकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे वे स्वीकार नहीं कर सकते।
इस्तीफा पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जिस उद्देश्य से पार्टी की नींव रखी थी, वर्तमान नीतियां उससे भिन्न प्रतीत हो रही हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि UGC नियमों के चलते सामान्य वर्ग के छात्रों में भय और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
गौरतलब है कि 13 जनवरी 2026 को UGC ने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से नई नियमावली लागू की थी। नियमों के तहत SC, ST और OBC वर्ग के छात्रों को शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था की गई है, जिस पर एक निश्चित समय सीमा में कार्रवाई का प्रावधान है।
हालांकि, विरोध कर रहे संगठनों और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नियमों में झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ स्पष्ट दंडात्मक प्रावधान नहीं है, जिससे दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।
मऊ में हुए सामूहिक इस्तीफों के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जानकारों का मानना है कि यदि इस तरह का असंतोष अन्य जिलों में भी सामने आता है, तो इसका असर आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है।






