यूपी सरकार ने अलंकार अग्निहोत्री का इस्तीफा किया नामंजूर, विभागीय जांच के आदेश

Share your love

संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा दिया गया इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। शासन स्तर पर उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए बरेली मंडल के आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अलंकार अग्निहोत्री को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। जांच पूरी होने तक उन्हें शामली जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। यह आदेश राज्य के विशेष सचिव द्वारा जारी किया गया है।

गौरतलब है कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में यूजीसी से जुड़े नियमों और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से संबंधित घटनाक्रम का हवाला देते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्हें अपनी जान का खतरा है।

इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों के भीतर अलंकार अग्निहोत्री ने देर रात अपना सरकारी आवास भी खाली कर दिया था, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई। इस घटनाक्रम के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया।

इस पूरे प्रकरण को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अलंकार अग्निहोत्री को धर्म के क्षेत्र में एक बड़े दायित्व का प्रस्ताव देने की बात कही है।

दूसरी ओर, प्रयागराज के माघ मेले में अनशन पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का समर्थन मिला है। जबलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मौनी अमावस्या के दिन अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित मारपीट पर नाराजगी जताई और कहा कि उन्हें तीनों शंकराचार्यों का समर्थन प्राप्त है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News