25 लाख मतदाताओं को नोटिस, सुनवाई प्रक्रिया शुरू
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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची को और अधिक सटीक और अद्यतन बनाने की कार्रवाई जारी है। इसी प्रक्रिया के तहत अब तक लगभग 25 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, जिनके नाम की पुष्टि या विसंगतियों के निवारण के लिए सुनवाई 21 जनवरी से शुरू हो चुकी है और यह प्रक्रिया 28 जनवरी तक चलेगी।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य डुप्लीकेट, मृतक, स्थानांतरित या अन्य कारणों से त्रुटिपूर्ण नामों को साफ़ करना है, ताकि आगामी चुनावों से पहले एक विश्वसनीय और शुद्ध मतदाता सूची तैयार की जा सके। मतदाताओं को भेजे गए नोटिस में उन दस्तावेज़ों की सूची दी गई है जिनके आधार पर वे अपने नाम को सूची में बनाए रखने या सुधार के लिए सुनवाई में भाग ले सकते हैं।
इस विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान लखनऊ सहित कई जिलों में मतदाता सूची में बड़े बदलाव देखे गए हैं। लखनऊ में सत्रों में 1.2 लाख नए मतदाताओं ने नाम जोड़े, जबकि लगभग 12 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया है कि मतदाता सूची की संशोधित ड्राफ्ट जारी होने के बाद, जिन लोगों के नाम पुरानी 2003 सूची से मिलान नहीं होते, उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है और उन्हें अपनी पात्रता सत्यापित करने का अवसर दिया जा रहा है। दावे और आपत्तियाँ 6 फरवरी तक दाखिल की जा सकती हैं, जिसके बाद अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च को प्रकाशित की जाएगी।
इस कार्रवाई से मतदाता सूची अधिक सटीक बनेगी और आगामी चुनावों में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने नाम की जांच कराएं और आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ सुनवाई में हिस्सा लें।






