आगरा में वेंडर विकास सम्मेलन में डीआरएम गगन गोयल का संदेश
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संवाद 24 संवाददाता। रेलवे और रक्षा क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए आने वाले समय में नए अवसरों के द्वार खुलने जा रहे हैं। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के निर्माण से लेकर रक्षा क्षेत्र की आवश्यक सामग्रियों तक, एमएसएमई की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। यह बात मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) गगन गोयल ने फाउंड्री नगर में आयोजित दो दिवसीय एमएसएमई वेंडर विकास सम्मेलन के समापन अवसर पर कही।
डीआरएम गगन गोयल ने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान के तहत रेलवे स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा दे रहा है, जिसमें एमएसएमई इकाइयां महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही हैं। उन्होंने उद्यमियों से गुणवत्ता, समयबद्ध आपूर्ति और तकनीकी मानकों पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
जेम पोर्टल और पारदर्शी खरीद प्रक्रिया पर जोर
सम्मेलन के दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल पल्लवी जामवाल ने रक्षा क्षेत्र में आवश्यक उत्पादों की बढ़ती मांग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेम पोर्टल के माध्यम से रक्षा विभाग में खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुलभ हो गई है, जिससे छोटे उद्यमों को भी बड़े अवसर मिल रहे हैं।
रेलवे के डीएमएम विवेक दिवाकर ने रेलवे की पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी और आईआरईपीएस पोर्टल की तकनीकी प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि सही पंजीकरण और दस्तावेजों के माध्यम से एमएसएमई इकाइयां रेलवे की सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकती हैं।
गेल गैस की खरीद से बढ़ा उद्यमियों का उत्साह
गेल गैस इंडिया के प्रतिनिधि नरेश कुमार ने जानकारी दी कि गेल गैस आगरा ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक एमएसएमई इकाइयों से 10.5 करोड़ रुपये की खरीद की है। यह आंकड़ा सुनकर सम्मेलन में मौजूद उद्यमियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स पर विशेष सत्र
डिजिटल युग में व्यापार विस्तार को लेकर कंप्यूटर एजुकेशन इंडस्ट्री के निदेशक आकाश मित्तल ने ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग की बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जेम पोर्टल और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाया जा सकता है।
एनपीसीआईएल के सीनियर मैनेजर कपिल कुमार ने उद्यमियों को जेम पंजीकरण के लिए प्रेरित किया।
आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ एमएसएमई
तकनीकी सत्र में एससी/एसटी हब के प्रमुख पुष्पेंद्र सूर्यवंशी ने बैंकिंग से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। रेलवे के सीनियर डिविजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रूपेश बघेल ने विद्युत आवश्यकताओं की जानकारी दी।
पीपीडीसी के प्रधान निदेशक सचिन राजपाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एमएसएमई क्षेत्र रीढ़ की हड्डी की तरह है।
सम्मेलन के समापन पर प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। सहायक निदेशक अभिषेक सिंह और वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी अवधेश कुमार ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन नेहा मेहतो ने किया, जबकि समन्वय जितेंद्र कुमार यादव ने संभाला।






