कानपुर में सहायक अध्यापक परीक्षा में सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड राजीव कुमार गिरफ्तार
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर में सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) परीक्षा की निष्पक्षता पर चोट करने वाले सॉल्वर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड बिहार निवासी राजीव कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, वही पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था और सॉल्वर को परीक्षा केंद्र तक लेकर आया था।
मामला शनिवार का है, जब माल रोड स्थित एबी विद्यालय में आयोजित सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी का फिंगरप्रिंट बायोमैट्रिक जांच में मेल नहीं खा सका। कक्ष निरीक्षक ने तत्काल मजिस्ट्रेट को सूचना दी, जिसके बाद जांच आगे बढ़ी। परीक्षा देने पहुंची युवती फतेहपुर के खागा निवासी रेनू यादव के नाम से केंद्र पर आई थी, लेकिन पूछताछ में उसकी असली पहचान झारखंड के गिरिडीह की रहने वाली शिखा कुमारी के रूप में हुई।
पुलिस ने मौके पर ही शिखा कुमारी को गिरफ्तार कर कैंट थाने भेज दिया। पूछताछ में सामने आया कि उसे परीक्षा दिलाने के लिए बिहार का रहने वाला राजीव कुमार कानपुर लेकर आया था। एसीपी कैंट आकांक्षा पांडेय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में राजीव कुमार इस पूरे सॉल्वर गिरोह का मास्टरमाइंड निकला है। मंगलवार देर रात कैंट पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह केवल इसी परीक्षा तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सॉल्वर बैठाने का खेल खेल चुका है। आरोपितों से पूछताछ कर सौदे की रकम, रेनू यादव और शिखा कुमारी के बीच संपर्क, तथा गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल फतेहपुर की युवती रेनू यादव की तलाश जारी है।
यह कार्रवाई न केवल परीक्षा प्रणाली की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि नकल और सॉल्वर जैसे संगठित अपराधों पर पुलिस की पैनी नजर है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रह सकती है और मेहनती अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सकता है।






