संभल विवाद में बड़ा न्यायिक फेरबदल, ASP अनुज पर FIR आदेश देने वाले जज हटाए गए
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संवाद 24 संभल। जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। उस हिंसा के सिलसिले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर ने अदालत में याचिका पर सुनवाई करते हुए तत्कालीन संभल सीओ और वर्तमान में फिरोजाबाद में तैनात ASP अनुज चौधरी सहित कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था।
हालांकि, अब उसी आदेश देने वाले सिविल जज आदित्य सिंह को प्रशासन ने हटाकर नया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) नियुक्त कर दिया है। न्यायिक प्रशासन में यह तब्दीली ऐसे समय में हुई है जब वही जज पहले संभल जामा मस्जिद के सर्वे का आदेश देकर विवाद की शुरुआत का मूल कारण बने थे।
19 नवंबर 2024 को सिविल जज आदित्य सिंह ने शाही जामा मस्जिद पर एक सर्वे का आदेश दिया था। यह सर्वे स्थानीय याचिकाओं के आधार पर किया गया था, जिनमें दावा था कि यह स्थल प्राचीन हरिहर मंदिर के अवशेषों पर स्थित था।
24 नवंबर 2024 को जानेमाने सर्वे के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई और तनाव भड़क गया। विरोध के बीच गोलीबारी व पथराव जैसे हालात पैदा हो गए, जिसमें कई लोग मारे गए और घायल हुए।
संभल हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला अदालत ने ASP अनुज चौधरी, इंस्पेक्टर अनुज तोमर और अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया।
पुलिस विभाग ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करने का निर्णय लिया है, और फिलहाल FIR दर्ज नहीं की गई है, जो विवाद को और गहरा बना रहा है।
विवादास्पद सर्वे का आदेश देने वाले सिविल जज आदित्य सिंह को अब नया CJM नियुक्त किया गया है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। यह तब्दीली ऐसे समय में हुई है जब मामला उच्च अदालतों और प्रशासनिक स्तर पर गरमाया हुआ है।
अब मुख्य सवाल यह है कि क्या नए CJM के नेतृत्व में आगे की सुनवाई और FIR की प्रक्रिया न्यायिक आदेशों के अनुरूप संपन्न होगी या नहीं — यह देखने का विषय है।
✔ विवादास्पद जज आदित्य सिंह, जिन्होंने संभल जामा मस्जिद सर्वे का आदेश दिया था, को हटाकर नए CJM के रूप में तैनात किया गया है।
✔ उन्हीं मामलों में ASP अनुज चौधरी समेत कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया था, जिसे पुलिस उच्च न्यायालय में चुनौती दे रही है।
✔ प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर यह मामला अभी भी गरम होता हुआ दिख रहा है — जिसमें कानून, राजनीति और सामाजिक स्थिरता के मुद्दे जुड़े हैं।






