यूपी बिजली बिल राहत योजना: 37 लाख उपभोक्ताओं ने कराया पंजीकरण, 4000 करोड़ से अधिक की वसूली
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संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकार और विद्युत विभाग द्वारा लागू बिजली बिल राहत योजना (ओटीएस) के तहत अब तक 37 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं ने अपनी लम्बित बिजली बकाया राशि का पंजीकरण किया है, जिससे विद्युत कंपनियों को लगभग 4000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने समीक्षा बैठक में कहा कि यह योजना वर्तमान वित्तीय वर्ष में बिजली विभाग की वसूली और उपभोक्ताओं को राहत देने का महत्वपूर्ण उपकरण साबित हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बकाया उपभोक्ताओं से सीधे संपर्क कर योजना का लाभ समझाएं और अधिक से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करें।
योजना के आंकड़ों के मुताबिक पूर्वांचल क्षेत्र में सबसे अधिक 13.76 लाख उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है, जिससे वहां विभाग को 1590 करोड़ रुपये से अधिक प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में भी सक्रिय अभियान के तहत पंजीकरण और वसूली की प्रक्रिया जारी है।
विद्युत विभाग अधिकारी बताते हैं कि योजना के तहत बकाया बिलों पर मिलने वाली छूट और सुविधाओं के कारण कई उपभोक्ताओं ने इसका लाभ उठाया है। पंजीकरण करने वाले उपभोक्ता निर्धारित शर्तों के अनुसार मूल बिल और अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करके अपनी बकाया राशि से बंधे दायित्वों को समाप्त कर सकते हैं।
ऊर्जा विभाग के अनुसार यह राहत पहल न केवल बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत कर रही है, बल्कि उन उपभोक्ताओं को भी मदद कर रही है जो उच्च बकाये के कारण आर्थिक दबाव में थे। अधिकारियों ने कहा है कि योजना का दूसरा चरण अभी भी जारी है और इसके अंतर्गत अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को जोड़ा जाएगा।
पृष्ठभूमि: उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक बिजली बिल राहत योजना 2025–26 के माध्यम से लाखों बकायेदारों को 100% विलम्ब शुल्क में छूट और मूल बिल पर विभिन्न प्रतिशत में छूट जैसी सुविधाएँ दी हैं, ताकि बकाया राशि की वसूली के साथ उपभोक्ताओं को भी आर्थिक राहत मिल सके। इस योजना के तहत कुल बकाया मेंरूप ₹55,980 करोड़ से अधिक राशि कवर करने का लक्ष्य बताया गया था।






