अतिक्रमण की भेंट चढ़ी मानवता: गली बंद होने से 24 घंटे घर में रखा रहा महिला का शव
Share your love

संवाद 24 बिजनौर। जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव महमूदपुर भावता में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ रास्ते में अतिक्रमण के कारण एक महिला का शव लगभग 24 घंटे तक घर के अंदर रखा रहा और अंततः शौचालय के ऊपर से अर्थी को निकाला गया।
गांव निवासी सोनू कुमार की 30 वर्षीय पत्नी ज्योति, जो लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे इलाज के दौरान अपनी अंतिम सांस छोड़ दिया। मृतका के परिवार के पास सरकारी पट्टे की 50 वर्ग गज भूमि थी, जबकि पड़ोसी टीकम व विजय सिंह के पास करीब 100 वर्ग गज भूमि थी। सोनू के परिवार के आवागमन के लिए छोड़ा गया छह फीट चौड़ा रास्ता अतिक्रमण के कारण संकरा हो गया था।
पड़ोसी टीकम ने रास्ते की तीन फीट जमीन पर शौचालय का निर्माण कर कब्जा कर लिया, जिससे मार्ग और भी संकुचित हो गया। सोनू और परिजन कई बार शासन-प्रशासन से शिकायत के बावजूद मार्ग खुलवाने में सफल नहीं हो पाए। इसी वजह से मृतक का शरीर घर से बाहर नहीं निकाला जा सका।
ज्योति के निधन के बाद बेटे और परिवार की गुहारों के बावजूद भी अतिक्रमण वाला संकरा मार्ग खुलवाया नहीं गया। इसके कारण पारिवारिक सदस्य लगभग 24 घंटे तक शव को घर में ही रखे रहे। प्रशासन और ग्रामीणों की उपेक्षा के बीच मजबूर होकर सोनू ने पड़ोसियों के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी। पुलिस ने मौके पर आकर स्थिति का जायजा लिया और शौचालय के ऊपर से ही अर्थी को बाहर निकालवाया, ताकि अंतिम संस्कार किया जा सके।
पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है और दोनों पक्षों में किसी प्रकार के विवाद की बात से इनकार किया है। सीओ नगीना की ओर से बताया गया कि रास्ता संकरा होने के कारण अर्थी को सामान्य मार्ग से नहीं निकाला जा सका। इस मामले में हल्का लेखपाल को शिकायत की जांच के लिए कहा गया है।
ज्योति अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गई हैं, और इस घटना के बाद गांव में ग्रामीणों के बीच प्रशासन की संवेदनहीनता पर रोष का माहौल देखने को मिला है।
ये घटना अतिक्रमण और प्रशासन की उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिससे आख़िरकार एक परिवार को अपने मृतक सदस्य का अंतिम संस्कार करने में भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।**






