“चुनाव की घोषणा होते ही गायब होगा भाजपा का बुलडोजर: अखिलेश यादव”
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संवाद 24 लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि जैसे ही 2027 के विधानसभा चुनावों की घोषणा होगी, भाजपा का प्रसिद्ध “बुलडोजर हथियार” गायब हो जाएगा। अखिलेश का यह सुझाव है कि जनता भाजपा को “डिटेंशन सेंटर” भेजेगी, यानी पार्टी को सत्ता से हटाने का ज़ोरदार प्रतिफल देगी।
अखिलेश यादव ने लखनऊ में सपा कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में बात करते हुए भाजपा सरकार को विफल बताया। उनका दावा है कि उत्तर प्रदेश में शासन-व्यवस्था चरमरा गई है और भाजपा सरकार अन्याय, अधर्म और अत्याचार को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में गिरावट और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों को मुख्य मुद्दा बताया।
सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि जैसे-जैसे भाजपा कमजोर होती जा रही है, उसकी साम्प्रदायिकता और भी बढ़ रही है। अखिलेश ने भाजपा नेतृत्व को “आरोपजीवी” कहा और बताया कि भाजपा का मुख्य काम सिर्फ अन्य पार्टियों, विशेषकर सपा के खिलाफ आरोप लगाना ही रह गया है।
अखिलेश यादव ने भाजपा को पूंजीवादी पार्टी करार देते हुए कहा कि यह केवल पूंजीपतियों के हित में काम करती है और साधारण जनता के मुद्दों को नजरअंदाज करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीतियाँ मुख्यतः बड़े कारोबारियों को फायदा पहुँचाने वाली हैं, जबकि आम जनता को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
भाजपा पर आलोचना के साथ अखिलेश यादव ने सपा के संभावित शासन के मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि सपा सरकार किसानों, युवाओं, गरीबों और महिलाओं के हित में ठोस योजनाएँ लागू करेगी। स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आर्थिक सहायता जैसे क्षेत्रों में सुधार की प्रतिबद्धता दोहराई गई, जिसमें महिलाओं को हर साल ₹40,000 देने का वादा भी शामिल है।
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मतदाता सूची में सभी पात्र मतदाताओं के नाम जोड़वाएँ। इसके लिए उन्होंने फार्म-6 भरने और 6 फरवरी से पहले नाम जुड़वाने के कार्य को तेज करने की सलाह दी। उनका मानना है कि यह प्रक्रिया जनभागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकार सुनिश्चित करेगी।






