खतौनी सुधार के लिए विशेष अभियान अब अफसरों के चक्कर नहीं, गांव में ही मिलेगा समाधान
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संवाद 24 संवाददाता। खतौनी में दर्ज गलतियों को सुधरवाने के लिए महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब खतौनी सुधार के लिए न तहसील के धक्के खाने होंगे और न ही अफसरों की चौखट पर भटकना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने 16 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक विशेष अभियान चलाकर खतौनियों की त्रुटियां दुरुस्त करने का फैसला लिया है।
जिले में इस समय लगभग पांच हजार आवेदन खतौनी सुधार से जुड़े लंबित हैं। ऐसे में यह अभियान हजारों खातेदारों और सह-खातेदारों के लिए राहत लेकर आएगा। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए इसे छह चरणों में विभाजित किया गया है, ताकि हर स्तर पर जांच और निर्णय की स्पष्ट व्यवस्था हो सके।
गांव से शुरू होगा समाधान
अभियान का पहला चरण 16 जनवरी से 22 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर क्षेत्रीय लेखपाल, भू-प्रबंधन समिति और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में खातेदारों और सह-खातेदारों के गाटों का अंश पढ़कर सुनाया जाएगा। इससे मौके पर ही गलतियों की पहचान हो सकेगी और लोगों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।
दूसरा चरण 23 जनवरी से 7 फरवरी 2026 तक निर्धारित किया गया है। इसमें प्राप्त आपत्तियों के आधार पर लेखपाल अभिलेखों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसके बाद तीसरे चरण में, 8 फरवरी से 22 फरवरी 2026 तक राजस्व निरीक्षक स्तर पर मामलों की गहन जांच और संस्तुति की जाएगी।
तहसील से मिलेगा अंतिम फैसला
चौथे चरण में, 23 फरवरी से 4 मार्च 2026 तक तहसीलदार स्तर पर परीक्षण किया जाएगा। विवादित मामलों में आवश्यक निर्णय इसी चरण में लिए जाएंगे। इसके बाद पांचवें चरण, 5 मार्च से 11 मार्च 2026 के बीच स्वीकृत प्रकरणों में संशोधन आदेश जारी किए जाएंगे।
अभियान का अंतिम चरण 12 मार्च से 15 मार्च 2026 तक चलेगा। इस दौरान जारी संशोधन आदेशों के अनुसार खतौनी में प्रविष्टियां कराई जाएंगी और अभियान का औपचारिक समापन होगा।
पोर्टल पर दर्ज होगा हर सुधार
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी प्रकरण ‘भूलेख खतौनी अशुद्धि सुधार’ पोर्टल पर दर्ज किए जाएंगे। न्यायालयों से संबंधित आदेशों की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी, जिससे खातेदार निर्धारित रोस्टर के अनुसार समय पर उपस्थित हो सकें। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और अनावश्यक देरी पर रोक लगेगी।
डीएम ने दो टूक कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी और तय समय सीमा में कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जमीन से जुड़ा भरोसा होगा मजबूत
यह अभियान न सिर्फ खतौनी की गलतियों को सुधारने का अवसर देगा, बल्कि भूमि रिकॉर्ड को लेकर लोगों के भरोसे को भी मजबूत करेगा। प्रशासन की यह पहल यदि तय समय और ईमानदारी से पूरी होती है, तो जमीन से जुड़े विवादों में बड़ी कमी आएगी और आमजन को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से निजात मिलेगी।






