अक्टूबर तक राम मंदिर निर्माण पूरा, नवंबर में भव्य उत्सव की तैयारी
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संवाद 24 अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण कार्य अपनी अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। परियोजना के विभिन्न घटकों, विशेष रूप से भूमिगत मार्ग और अन्य आंतरिक संरचनाओं की फिनिशिंग व सज्जा-संवरण का काम तेजी से जारी है। मंदिर निर्माण समिति तथा शिल्पियों की टीम ने बताया है कि अक्टूबर के अंत तक लगभग सभी मुख्य निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं के लिए परिसर विकल्पपूर्वक खुलने की तैयारियाँ समयबद्ध तरीके से हो सकें।
निर्माण स्थल पर मुख्य मंदिर संरचना के अतिरिक्त बने भूमिगत मार्ग तथा सहायक मार्गों की लेआउट व फिनिशिंग पर विशेष कार्य किया जा रहा है। ये मार्ग मंदिर परिसर के दर्शन मार्ग को सुचारू रूप से जोड़ेंगे और बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करेंगे। फिलहाल इन मार्गों में पथरोपकरण, प्रकाश व्यवस्था और अंतिम सफाई जैसे अंतिम चरण के कार्य सम्पन्न किए जा रहे हैं ताकि अक्टूबर तक फिनिशिंग का कार्य पूरा हो सके
निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद इसे धार्मिक उत्सव व आयोजन के रूप में मनाने की तैयारी चल रही है। मंदिर निर्माण समिति के मुताबिक नवंबर माह में एक विशेष समारोह की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसमें ध्वजारोहण और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित है। अधिकारियों ने बताया है कि उत्सव की तैयारियों के तहत सुरक्षा, सुविधाएँ, आमंत्रित अतिथियों की सूची तथा नगर सज्जा पर भी पुख्ता योजना तैयार की जा रही है।
अयोध्या प्रशासन तथा मंदिर ट्रस्ट ने यह घोषणा की है कि अक्टूबर अंत तक भक्तों के लिए प्राकृतिक प्रवेश व्यवस्था खुल जाएगी, जिससे श्रद्धालु मंदिर परिसर और मुख्य मंदिर स्थल के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि, पूर्ण उद्घाटन और मुख्य उत्सव कार्यक्रम नवंबर के मध्य या अंत में आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें देश–विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले सकेंगे। प्रशासन ने यातायात, सुरक्षा और आपात सेवाओं के प्रबंध को भी अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
सदियों पुरानी आस्था तथा प्रतीक्षा के बाद अयोध्या का राम मंदिर निर्माण कार्य अब अपनी अंतिम दिशा में प्रवेश कर चुका है। भूमिगत मार्ग की सज्जा से लेकर बाहरी और भीतरी हिस्सों की फिनिशिंग, तथा नवंबर माह में प्रस्तावित उत्सव — यह सब मिलकर 2025 का आख़िरी हिस्सा अयोध्या शहर व देश भर के हिंदू समुदाय के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण समय बनाएगा।






