HBTU में मेस की लापरवाही पर उबाल: वायरल वीडियो के बाद छात्रों का आक्रोश, कक्षाओं का बहिष्कार
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। कानपुर स्थित हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) एक बार फिर सुर्खियों में है। मंगलवार सुबह श्रीधराचार्य हॉस्टल की मेस में भोजन तैयार करने के दौरान कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में मेस कर्मचारी चप्पल पहने हुए पैरों से आलू धोते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, अमर उजाला इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन वीडियो के सामने आते ही छात्रों में आक्रोश फैल गया।
छात्रों का फूटा गुस्सा, कक्षाओं का बहिष्कार
घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों छात्र मेस और हॉस्टल व्यवस्थाओं के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। नाराज छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया और डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) कार्यालय का घेराव किया। छात्रों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से मेस में साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की जाती रही हैं, जिन्हें प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया।
‘सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि घटिया और अस्वच्छ भोजन के कारण कई बार छात्र बीमार पड़ चुके हैं। इसके बावजूद मेस प्रबंधन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर उनकी सेहत और सम्मान से जुड़ा मामला है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मेस प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग
छात्रों ने मांग की है कि संबंधित मेस ठेकेदार का ठेका तत्काल रद्द किया जाए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, मेस और हॉस्टल की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के लिए एक पारदर्शी प्रणाली लागू की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
मौके पर पहुंचे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। हालांकि, छात्र लिखित आश्वासन और ठोस कदम उठाए जाने तक अपना विरोध जारी रखने पर अड़े रहे।
यह मामला न सिर्फ HBTU बल्कि देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में छात्र सुविधाओं और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस घटना से क्या सबक लेता है और छात्रों के विश्वास को बहाल करने के लिए कौन-से ठोस कदम उठाए जाते हैं।






