कन्नौज के गुगरापुर स्कूल में बच्चों के प्रदर्शन पर नया मोड़, BSA बोले- ‘टॉफी-बिस्किट का लालच देकर कराया गया आंदोलन’

कन्नौज। गुगरापुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में छात्र-छात्राओं के विरोध प्रदर्शन का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। एक दिन पहले स्कूल के बच्चों और अभिभावकों ने प्रभारी प्रधानाध्यापक के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी। मामले में अब बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संदीप कुमार के बयान ने पूरे घटनाक्रम को लेकर एक नया सवाल खड़ा कर दिया है।

बच्चों ने खुद आंदोलन किया या किसी ने पीछे से तैयार की रणनीति?

बीएसए संदीप कुमार के अनुसार, बच्चों ने यह विरोध प्रदर्शन अपने स्तर पर नहीं किया, बल्कि उन्हें टॉफी और बिस्किट का लालच देकर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने इसके पीछे विद्यालय के शिक्षकों के बीच चल रहे आपसी विवाद और कथित खुन्नस को कारण बताया है। बीएसए का कहना है कि विद्यालय पहुंचने के बाद बच्चों से बातचीत की गई, जिसमें उन्होंने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों की बातचीत के वीडियो उपलब्ध होने का भी दावा किया है।हालांकि, टॉफी-बिस्किट देकर प्रदर्शन कराने का दावा बीएसए के बयान पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है। दूसरी ओर, प्रदर्शन के दौरान बच्चों और अभिभावकों की ओर से प्रधानाध्यापक पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।

प्रधानाध्यापक को हटाने की मांग पर घिरे थे बच्चे और अभिभावक

गुरुवार को विद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने विरोध जताया था। रिपोर्टों के मुताबिक बच्चों ने प्रधानाध्यापक की गाड़ी को घेर लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें हटाने की मांग की। छात्रों और अभिभावकों की ओर से भेदभाव, अभद्र व्यवहार और मारपीट सहित कई आरोप लगाए गए थे।

विद्यालय के सभी नौ शिक्षक भी लगा चुके हैं शिकायत

मामले का एक दूसरा पहलू विद्यालय के शिक्षकों के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विद्यालय के सभी नौ शिक्षक प्रधानाध्यापक राकेंद्र सक्सेना के खिलाफ लामबंद हैं। शिक्षकों ने अनियमितता और मनमानी के आरोप लगाते हुए 16 जुलाई को बीएसए तथा 28 जुलाई को जिलाधिकारी से शिकायत की थी। वहीं, ग्रामीणों की ओर से भी 6 जून को समाधान दिवस में प्रधानाध्यापक के खिलाफ शिकायत किए जाने की बात सामने आई है।

शिक्षकों के विवाद के बीच बच्चों का प्रदर्शन बना चर्चा का विषय

गुगरापुर का यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एक ओर छात्र-छात्राएं प्रधानाध्यापक के खिलाफ शिकायतें लेकर सामने आए, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग के अधिकारी इसे शिक्षकों के आपसी विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। अन्य मीडिया रिपोर्टों में भी विद्यालय में करीब 200 विद्यार्थियों के होने और बच्चों द्वारा प्रधानाध्यापक के खिलाफ कई आरोप लगाए जाने का उल्लेख है।अब पूरे मामले में वास्तविकता क्या है—बच्चों ने अपनी समस्याओं को लेकर स्वतः आवाज उठाई या उन्हें किसी विवाद के कारण प्रदर्शन के लिए तैयार किया गया—यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल बीएसए के बयान के बाद गुगरापुर के इस विद्यालय का विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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