सीजफायर पर बड़ा बयान: लेबनान में नहीं रुकेगा हमला, नेतन्याहू का ऐलान – युद्ध के बीच शुरू होगी बातचीत!

Share your love

संवाद 24 नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा और सख्त बयान देते हुए साफ कर दिया है कि लेबनान में किसी भी तरह का युद्धविराम (सीजफायर) लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इज़राइल की सेना हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले लगातार जारी रखेगी, भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की अपीलें क्यों न की जा रही हों। इस बयान ने पहले से ही तनावपूर्ण हालात को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि एक तरफ बातचीत की तैयारी हो रही है, तो दूसरी तरफ बमबारी भी जारी है।

सीजफायर से इनकार, हमले जारी रखने का आदेश
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि लेबनान में चल रही सैन्य कार्रवाई किसी भी स्थिति में नहीं रुकेगी। उन्होंने सेना को निर्देश दिए हैं कि हिज़्बुल्लाह के रॉकेट लॉन्च साइट्स, हथियार डिपो और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाता रहे। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में इज़राइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान गई और हजारों लोग घायल हुए। कई इलाकों में भारी तबाही देखी गई है, खासकर राजधानी बेरूत में हालात बेहद खराब हैं।

बातचीत भी होगी, लेकिन ‘गोलियों के बीच’
दिलचस्प बात यह है कि एक ओर जहां हमले जारी हैं, वहीं दूसरी ओर इज़राइल ने लेबनान के साथ सीधे शांति वार्ता शुरू करने का भी फैसला किया है। नेतन्याहू ने अपने कैबिनेट को निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द बातचीत शुरू की जाए। हालांकि, इज़राइल का रुख साफ है – बातचीत तभी सफल मानी जाएगी जब हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र (disarm) किया जाए। यही इस वार्ता का मुख्य एजेंडा बताया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय दबाव और बढ़ता विवाद
अमेरिका सहित कई देशों ने इज़राइल से हमले कम करने की अपील की है। यहां तक कि अमेरिकी नेतृत्व ने भी नेतन्याहू से “संयम बरतने” को कहा है, ताकि शांति वार्ता को मौका मिल सके। लेकिन इज़राइल का कहना है कि लेबनान इस समय लागू अमेरिका-ईरान युद्धविराम का हिस्सा नहीं है, इसलिए वहां कार्रवाई जारी रखना जरूरी है। दूसरी ओर ईरान और कुछ अन्य देश इस बात से असहमत हैं और मानते हैं कि लेबनान भी सीजफायर के दायरे में आता है। इसी कारण यह मुद्दा अब एक बड़े कूटनीतिक विवाद में बदल गया है।

मानवीय संकट गहराया
लगातार हमलों के कारण लेबनान में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। लाखों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं और बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। राहत एजेंसियों का कहना है कि अगर जल्द ही हालात नहीं सुधरे, तो यह संकट और भी भयावह रूप ले सकता है।

तनाव चरम पर, आगे क्या?
मौजूदा स्थिति बेहद जटिल है – एक तरफ युद्ध, दूसरी तरफ बातचीत। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों पक्षों के बीच जल्द कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में और फैल सकता है। फिलहाल, दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बातचीत से कोई समाधान निकलता है या फिर यह संघर्ष और भड़कता है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News