2029 में लागू होगा महिला आरक्षण? सरकार ला सकती है बड़ा संशोधन बिल

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संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। खबरों के मुताबिक, सरकार महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने के लिए एक अहम संशोधन बिल लाने पर विचार कर रही है, जिससे यह व्यवस्था 2029 के लोकसभा चुनावों से ही लागू हो सके।

क्या है पूरा मामला?
महिला आरक्षण कानून, जिसे “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” भी कहा जाता है, 2023 में संसद से पारित हुआ था। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, इस कानून को लागू करने की प्रक्रिया जनगणना और परिसीमन (delimitation) से जुड़ी हुई है, जिसके कारण इसकी समयसीमा आगे खिसकती नजर आ रही थी।

पहले 2034, अब 2029 की तैयारी
पहले अनुमान था कि महिला आरक्षण 2034 के बाद ही लागू हो पाएगा, लेकिन अब सरकार इसे जल्दी लागू करने के लिए संशोधन लाने की योजना बना रही है।
लक्ष्य: 2029 लोकसभा चुनाव से लागू करना
इसके लिए कानून में जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं
बजट सत्र में बिल पेश होने की संभावना
इस कदम से महिलाओं को राजनीति में जल्द प्रतिनिधित्व मिलने का रास्ता खुल सकता है।

क्यों जरूरी है यह संशोधन?
महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए अभी दो प्रमुख शर्तें हैं:
नई जनगणना (Census)
परिसीमन प्रक्रिया (Delimitation)
इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही सीटों का आरक्षण तय होगा।
अगर सरकार संशोधन लाती है, तो इन शर्तों में बदलाव कर प्रक्रिया को तेज किया जा सकता है।

महिलाओं की भागीदारी क्यों अहम?
भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी अभी भी सीमित है।
लोकसभा में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 14% के आसपास है
कई राज्यों में यह आंकड़ा इससे भी कम है
महिला आरक्षण लागू होने से:
संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ेगी
नीति निर्माण में महिलाओं की आवाज मजबूत होगी
लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा

राजनीतिक बहस भी तेज
जहां एक तरफ इस कदम का स्वागत किया जा रहा है, वहीं कुछ राजनीतिक दल और विशेषज्ञ इसके क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
क्या परिसीमन के बिना लागू करना संभव है?
क्या आरक्षण में ओबीसी महिलाओं को भी अलग कोटा मिलेगा?
ये सवाल आने वाले समय में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकते हैं।

क्या है आगे का रास्ता?
सरकार यदि बजट सत्र में संशोधन बिल लाती है और संसद से इसे मंजूरी मिलती है, तो 2029 चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू होने की राह साफ हो सकती है। हालांकि, इसके लिए कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर कई प्रक्रियाओं को तेज करना होगा। महिला आरक्षण को लेकर सरकार की यह पहल भारत की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है। अगर यह 2029 से लागू होता है, तो यह न केवल महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाएगा, बल्कि देश की लोकतांत्रिक संरचना को भी मजबूत करेगा।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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