मौत का तांडव: दक्षिण कोरिया की कार फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 10 जिंदगियां राख, 59 घायल
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संवाद 24 नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया के मध्य हिस्से में स्थित डेजॉन शहर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक कार पार्ट्स बनाने वाली फैक्ट्री में शनिवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। इस भयानक अग्निकांड ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में आने से अब तक 10 कर्मचारियों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे में 59 अन्य लोग झुलस गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 25 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मलबे में अपनों की तलाश, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 170 कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात थे। आग इतनी तेजी से फैली कि कई लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। बचाव दल की टीमें अभी भी मलबे और धुएं के बीच लापता 4 अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, शनिवार सुबह तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं। तलाशी अभियान के दौरान एक शव दूसरी मंजिल से और तीन शव तीसरी मंजिल से मिले हैं, जो आग की तीव्रता को बयां कर रहे हैं।
धमाके के साये में जूझते दमकलकर्मी
आग बुझाने और बचाव कार्य में दमकल विभाग को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। फैक्ट्री के अंदर 200 किलोग्राम सोडियम का भंडार मौजूद है, जो पानी के संपर्क में आने या अत्यधिक गर्मी के कारण किसी भी समय एक बड़े विस्फोट का कारण बन सकता है। इसके अलावा, आग की वजह से इमारत का ढांचा कमजोर हो गया है, जिससे उसके ढहने का खतरा लगातार बना हुआ है। इसी डर के कारण बचाव दल शुरुआत में इमारत के अंदर प्रवेश नहीं कर सके थे। भारी धुएं के कारण विजिबिलिटी भी न के बराबर है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन की गति धीमी पड़ गई है।
राष्ट्रपति ने दिए सख्त निर्देश
इस बड़ी त्रासदी पर संज्ञान लेते हुए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बचाव अभियान में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। राष्ट्रपति ने आदेश दिया है कि उपलब्ध सभी आधुनिक संसाधनों, अतिरिक्त कर्मियों और अत्याधुनिक उपकरणों को तत्काल घटनास्थल पर लगाया जाए ताकि मलबे में दबे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके।
जांच के घेरे में फैक्ट्री प्रबंधन
फिलहाल आग लगने के कारणों का सटीक पता नहीं चल पाया है। स्थानीय प्रशासन और फॉरेंसिक टीमें मौके पर मौजूद हैं। प्राथमिक तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट या किसी मशीनरी में तकनीकी खराबी से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या फैक्ट्री में आग से निपटने के पर्याप्त इंतजाम थे या प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। इस भीषण हादसे ने पूरे दक्षिण कोरिया को झकझोर कर रख दिया है और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।






