महाविनाश की ओर दुनिया: हिंद महासागर में डूबा ईरानी युद्धपोत, अमेरिका और इजरायल के सैन्य अड्डों पर मिसाइल तांडव
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संवाद 24 नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब अपनी क्षेत्रीय सीमाओं को लांघकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ी यह जंग अब न केवल खाड़ी देशों बल्कि हिंद महासागर के शांत पानी को भी खौला रही है। ताजा घटनाक्रम में हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत के डूबने और ईरान द्वारा अमेरिकी व इजरायली ठिकानों पर किए गए जवाबी हमलों ने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की आशंका से भर दिया है।
हिंद महासागर में भीषण तबाही: ईरानी युद्धपोत IRIS डेना जलमग्न
युद्ध की आंच अब भारत के करीब हिंद महासागर तक पहुँच गई है। खबरों के मुताबिक, ईरानी नौसेना का गौरव माना जाने वाला युद्धपोत ‘IRIS डेना’ श्रीलंकाई तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा दागे गए टारपीडो का शिकार होकर समुद्र में समा गया है। बताया जा रहा है कि इस हमले में लगभग 87 ईरानी नौसैनिकों की मौत हो गई है, जबकि 32 को श्रीलंकाई नौसेना ने बचा लिया है। यह घटना तब हुई जब यह पोत विशाखापत्तनम में एक अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू में शामिल होकर वापस लौट रहा था। अमेरिका का कहना है कि उसने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरान की सैन्य शक्ति को बेअसर करने के लिए यह कदम उठाया है।
ईरान का ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस IV’: अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों की बारिश
अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और अपने युद्धपोत के डूबने से तिलमिलाए ईरान ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस IV’ के तहत भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान ने कतर स्थित मध्य पूर्व के सबसे बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डे ‘अल-उदैद’ (Al-Udeid) पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। इसके अलावा बहरीन, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और इजरायल ने अपने हमले नहीं रोके, तो वह इजरायल के ‘डिमोना’ परमाणु केंद्र को मलबे में तब्दील कर देगा।
इजरायल और अमेरिका का ‘ऑपरेशन एपिक फरी’
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फरी’ (Operation Epic Fury) को और तेज कर दिया है। इजरायली वायुसेना ने पिछले 72 घंटों में ईरान के भीतर 2,500 से अधिक सैन्य ठिकानों पर बमबारी की है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया है कि ईरान की वायुसेना और नौसेना लगभग समाप्त हो चुकी है। ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि वे ईरान में सत्ता परिवर्तन होने तक चैन से नहीं बैठेंगे।
भारत और दुनिया पर प्रभाव
इस युद्ध का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की धमकी दी है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई ठप हो सकती है। भारत के लिए यह स्थिति बेहद नाजुक है, क्योंकि लाखों भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।






