खामेनेई की मौत के बाद युद्ध में तेज़ी: हिज़बुल्लाह ने इज़राइल पर मिसाइल व ड्रोन हमला किया, जवाब में भारी हवाई हमले का सिलसिला
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संवाद 24 नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में तनाव की नई लहर उठ चुकी है, जबकि ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष से पूरे क्षेत्र में बड़ी राजनीति और धरातलीय लड़ाई का खतरा उत्पन्न हो गया है। शनिवार रात से सोमवार तक की अवधि में ईरान-मोहब्बत हिज़बुल्लाह ने लेबनन से इज़राइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमला बोला, जिसके जवाब में इज़राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान समेत बेरूत के आसपास के इलाकों पर शक्तिशाली हवाई हमले एवं मिसाइल हमला शुरू कर दिया। इस युद्ध की लपटें पहले से चले आ रहे इज़राइल-ईरान संघर्ष को और भी विकराल बनाती नजर आ रही हैं। यह मसला सीधे तौर पर उस भारी तनाव का परिणाम है जो ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और अमेरिका-इज़राइल की हाल ही की सैन्य कार्रवाइयों के बाद पैदा हुआ। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हिज़बुल्लाह ने रात के अंधेरे में दोनों मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए इज़राइल के मिस्तर इलाकों और रक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। इज़राइली रक्षा बलों ने एक से अधिक प्रक्षेप्य को इंटरसेप्ट किया, जबकि कुछ मिसाइलें खुली बस्तियों के पास गिरीं या बिना निशाने पर गिरने के कारण बड़े नुकसान से बचीं।
हमले का ‘बदला’ और हिज़बुल्लाह की घोषणा
हिज़बुल्लाह की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह हमला “ईरान के लिए बदला” है, विशेष रूप से उस हिंसा की प्रतिक्रिया के तौर पर जिसमें ईरान के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाया गया। हिज़बुल्लाह का यह करवाई 2024 की युद्धबंदी के बाद से सबसे बड़ा इज़राइल-लॉन्च हमला माना जा रहा है, जिससे इज़राइल के अंदर सुरक्षा चिंताओं में जबरदस्त इज़ाफ़ा हुआ है। लेबनन के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हिज़बुल्लाह की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है, कहा कि यह “अतिरिक्त खतरनाक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर जोखिम” पैदा करता है। सलाम ने अपने देश के नागरिकों से बचाव के तरीकों को अपनाने की अपील भी की, क्योंकि क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के कारण सुरक्षा चिंता चरम पर पहुंच गई है।
इज़राइली जवाबी कार्रवाई
हिज़बुल्लाह के हमलों के तुरंत बाद, इज़राइल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने जवाबी कार्यवाही के रूप में लेबनान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले और मिसाइल हमला शुरू कर दिया। बेरूत के डाहियेह समेत कई इलाकों में विस्फोट की आवाज़ें सुनी गईं, और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार स्थानीय नागरिकों ने भय से अपने घरों को छोड़ना शुरू कर दिया। इससे पहले 2024 में दोनों पक्षों के बीच एक अमेरिकी मध्यस्थता में युद्ध विराम हुआ था, लेकिन यह हवाई हमले उसी वार्ता के उल्लंघन को दर्शाते हैं। इज़राइली सैन्य अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने हिज़बुल्लाह के उच्च पदस्थ सदस्यों को निशाना बनाया है और कई ठिकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इसके साथ-साथ सुरक्षा टिपण्णियों में चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसे हमले जारी रहे, तो इज़राइली सेना और भी कड़े जवाबी कदम उठा सकती है जो आगे संघर्ष को और भड़का सकते हैं।
संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रतिक्रिया और व्यापक तनाव
यूएस प्रशासन ने इस संघर्ष पर संकेत दिया है कि वह इज़राइल के साथ मिलकर व्यापक सैन्य ऑपरेशन को कुछ हफ्तों तक जारी रख सकता है, जबकि विश्लेषकों का मानना है कि इस संघर्ष का विस्तार केवल लेबनान या इज़राइल तक ही सीमित नहीं रहेगा। इससे पहले ईरान-इज़राइल युद्ध के हिस्से के रूप में अमेरिका और इज़रायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर बड़े एयर स्ट्राइक किये थे, जिससे पश्चिम एशिया में सुरक्षा अस्थिरता पहले से ही बढ़ चुकी थी।
मध्य-पूर्व में संभावित परिणाम
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह संघर्ष इसी तरह तेज़ी से फैलता है, तो खाड़ी के अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय हितों पर भी इसके गहरे प्रभाव पड़ सकते हैं। खाड़ी सहयोगी राष्ट्रों ने पहले ही क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता जताई है, और अगर संघर्ष जारी रहता है तो यह आने वाले दिनों में व्यापक युद्ध में बदल सकता है।






