बजट 2026: क्या आम आदमी की जेब होगी गुलजार? कैंसर की दवाएं सस्ती और युवाओं के लिए नौकरियों का पिटारा, जानें वित्त मंत्री के बड़े ऐलान
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संवाद 24 नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अस्थिरता और चुनौतियों के बीच, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को बनाए रखने के लिए इस बजट में कई क्रांतिकारी घोषणाएं की गई हैं। वित्त मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य देश की ‘युवा शक्ति’ को सशक्त बनाना और गरीबी को जड़ से मिटाना है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत: सस्ती होंगी जानलेवा बीमारियों की दवाएं
इस बजट का सबसे संवेदनशील और स्वागत योग्य हिस्सा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा है। वित्त मंत्री ने कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे करोड़ों मरीजों को बड़ी राहत देते हुए इन दवाओं की कीमतों में कटौती का ऐलान किया है। सरकार ने इन दवाओं पर लगने वाले शुल्कों में बदलाव करने का निर्णय लिया है, जिससे अब आम आदमी के लिए इलाज कराना पहले के मुकाबले काफी सस्ता हो जाएगा। इसके अलावा, अगले 5 वर्षों में बायोफार्मा क्षेत्र में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जो स्वास्थ्य सुविधाओं को और आधुनिक बनाएगा।
युवाओं और रोजगार के लिए खास योजनाएं
बजट 2026 में रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री ने ‘युवा शक्ति’ को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए कई नई योजनाओं का खाका खींचा। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए MSME इकाइयों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि जब छोटे और मध्यम उद्योग ‘चैंपियन’ बनेंगे, तभी देश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
टेक्सटाइल और बुनकरों के लिए नई उम्मीद: महात्मा गांधी हैंडलूम योजना
भारत के पारंपरिक वस्त्र उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए वित्त मंत्री ने बड़े सुधारों की घोषणा की है। बजट में नए ‘टेक्सटाइल पार्कों’ की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही, देश के बुनकरों के कल्याण के लिए ‘महात्मा गांधी हैंडलूम योजना’ की शुरुआत की जाएगी। इस योजना का सीधा लाभ उन लाखों परिवारों को मिलेगा जो पीढ़ियों से इस कला से जुड़े हैं। वस्त्र उद्योग में किए जा रहे ये रिफॉर्म्स न केवल उत्पादन बढ़ाएंगे, बल्कि भारतीय कपड़ों को वैश्विक बाजार में नई पहचान दिलाएंगे।
खनिज संपदा और आत्मनिर्भर भारत: रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर
तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार ने ‘रेयर अर्थ मिनरल’ (Rare Earth Minerals) पर बड़ा दांव खेला है। आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा जैसे खनिज संपन्न राज्यों में एक समर्पित ‘डेडिकेटेड कॉरिडोर’ बनाया जाएगा। यह कदम सेमीकंडक्टर मिशन को नई ऊर्जा देगा। इसके साथ ही, EMS PLI स्कीम के लिए आवंटन को 20,000 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत को एक वैश्विक हब बनाने में मदद करेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा सुरक्षा
वित्त मंत्री ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0) के जरिए सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 7 प्रतिशत की विकास दर को बरकरार रखना है। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को अब वैश्विक बाजारों के साथ पूरी तरह एकीकृत होना होगा ताकि हम आर्थिक चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर सकें।






