पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव, ईरान ने बंद किया अपना हवाई क्षेत्र
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संवाद 24 नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में लगातार गहराते तनाव के बीच ईरान सरकार ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इस निर्णय का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं पर पड़ा है। भारत से पश्चिम एशिया, यूरोप और अन्य देशों की ओर जाने वाली कई उड़ानों के मार्ग में बदलाव किया गया है, जिससे यात्रियों को देरी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
हवाई क्षेत्र बंद होने से उड़ानों की दिशा बदली
ईरान के हवाई क्षेत्र के बंद होते ही अनेक अंतरराष्ट्रीय विमानों को वैकल्पिक मार्गों से उड़ान भरनी पड़ रही है। इससे उड़ानों की दूरी बढ़ गई है और यात्रा समय में भी वृद्धि हुई है। कुछ मामलों में ईंधन की अतिरिक्त आवश्यकता के कारण उड़ानों को बीच में तकनीकी ठहराव भी करना पड़ सकता है।
भारतीय विमान कंपनियों ने जारी की यात्रा सलाह
भारत की प्रमुख विमान सेवाओं ने यात्रियों के लिए विशेष यात्रा सलाह जारी की है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे हवाई अड्डे जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति अवश्य जांच लें। कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी जोखिम से बचने के लिए यह कदम उठाए गए हैं।
देरी और रद्द होने की स्थिति भी संभव
हवाई मार्ग बदलने के कारण कुछ उड़ानों के समय में बदलाव किया गया है, वहीं कुछ उड़ानों को रद्द भी किया जा सकता है। यात्रियों को वैकल्पिक बुकिंग और धन वापसी की सुविधा दी जा रही है। विमान कंपनियों ने यात्रियों से सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
क्यों लिया गया ईरान ने यह फैसला
विशेषज्ञों के अनुसार ईरान ने यह कदम क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को देखते हुए उठाया है। हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में राजनीतिक और सैन्य तनाव तेज़ हुआ है। संभावित खतरे को देखते हुए नागरिक विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हवाई क्षेत्र को बंद करना आवश्यक समझा गया।
वैश्विक विमान परिचालन पर भी असर
ईरान के इस फैसले का असर केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्व के कई देशों की विमान सेवाओं पर पड़ा है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लंबे और महंगे मार्गों से उड़ान भरनी पड़ रही है। इससे वैश्विक हवाई यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।
यात्रियों के लिए आवश्यक सुझाव
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले विमान कंपनी की सूचना पर ध्यान दें, समय से पहले हवाई अड्डे पहुंचें और किसी भी बदलाव के लिए तैयार रहें। विशेष रूप से पश्चिम एशिया की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्षेत्रीय तनाव कम होता है तो हवाई क्षेत्र दोबारा खोला जा सकता है। फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे के निर्णय सुरक्षा हालात को देखते हुए लिए जाएंगे।






