​”अब न एजेंट का चक्कर, न दफ्तर की दौड़: सीधे WhatsApp पर खरीदें और रिन्यू करें अपनी बीमा पॉलिसी!”

संवाद 24 डेस्क। आज के भागदौड़ भरे युग में तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुकी है। जिस तरह से स्मार्टफोन ने संचार की दूरियों को मिटाया है, उसी तरह अब यह वित्तीय सेवाओं को भी हमारी उंगलियों पर ले आया है। हाल ही में मैसेजिंग दिग्गज ‘वॉट्सऐप’ (WhatsApp) ने भारत में बीमा सेवाओं के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब देश के करोड़ों यूजर्स को बीमा पॉलिसी खरीदने, प्रीमियम भरने या क्लेम ट्रैक करने के लिए किसी दफ्तर के चक्कर लगाने या जटिल वेबसाइट्स पर घंटों बिताने की जरूरत नहीं होगी। ‘संवाद 24’ की इस विशेष रिपोर्ट में हम विस्तार से जानेंगे कि कैसे वॉट्सऐप चैट-आधारित बीमा सेवाएं भारतीय बीमा बाजार की तस्वीर बदलने वाली हैं।

बीमा क्षेत्र में एक नई क्रांति: क्या है वॉट्सऐप की नई सेवा?
वॉट्सऐप ने भारत की प्रमुख बीमा कंपनियों के साथ हाथ मिलाकर ‘चैट-आधारित बीमा सेवाएं’ (Chat-based Insurance Services) शुरू की हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बीमा प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाना है। भारत में अभी भी एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो इंटरनेट का उपयोग तो करता है, लेकिन जटिल मोबाइल ऐप्स या वेबसाइट्स को नेविगेट करने में असहज महसूस करता है। वॉट्सऐप चूंकि हर स्मार्टफोन यूजर की पहली पसंद है, इसलिए इसके जरिए बीमा सेवाएं देना एक ‘गेम-चेंजर’ साबित हो सकता है।

इस सेवा के तहत, ग्राहक सीधे चैट बॉक्स में जाकर नई पॉलिसी चुन सकते हैं, अपनी मौजूदा पॉलिसी को रिन्यू कर सकते हैं और डिजिटल दस्तावेजों को तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। यह कदम न केवल ग्राहकों के लिए सुविधाजनक है, बल्कि बीमा कंपनियों के लिए भी परिचालन लागत को कम करने का एक प्रभावी जरिया है।

प्रमुख बीमा कंपनियां और उनके समर्पित चैटबॉट नंबर
भारत की कई बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों ने इस डिजिटल मुहिम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की है। प्रत्येक कंपनी ने ग्राहकों की सुविधा के लिए विशेष ‘वेरिफाइड’ (ब्लू टिक वाले) वॉट्सऐप नंबर जारी किए हैं। आइए जानते हैं प्रमुख कंपनियों और उनकी सेवाओं के बारे में:

HDFC लाइफ इंश्योरेंस (+91 8291890569)
HDFC लाइफ ने अपने चैटबॉट को काफी उन्नत बनाया है। यहाँ ग्राहक नई पॉलिसी खरीदने से लेकर प्रीमियम भुगतान तक की सुविधा पा सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि यदि आपका कोई क्लेम पेंडिंग है, तो आप उसे सीधे चैट के माध्यम से ट्रैक कर सकते हैं। इसके अलावा, अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे पता या मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए भी अब फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं है।

भारतीय जीवन बीमा निगम – LIC (+91 8976862090)
देश की सबसे बड़ी और भरोसेमंद बीमा कंपनी LIC ने भी डिजिटल इंडिया की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। LIC के वॉट्सऐप नंबर पर आप अपनी पॉलिसी का स्टेटस देख सकते हैं, बोनस की जानकारी ले सकते हैं और यहाँ तक कि लोन पात्रता (Loan Eligibility) की जांच भी कर सकते हैं। ULIP स्टेटमेंट और क्लेम अपडेट की सुविधा भी इसी नंबर पर उपलब्ध है।

एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस (+91 7428396005)
मैक्स लाइफ अपने ग्राहकों को टर्म इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट प्लान सीधे वॉट्सऐप पर ऑफर कर रही है। ग्राहक टैक्स बेनिफिट कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं और अपने आसपास की निकटतम शाखा का पता भी लगा सकते हैं।

ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस (+91 9920667766)
ICICI प्रूडेंशियल ने एनआरआई (NRI) ग्राहकों और ग्रुप पॉलिसी धारकों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। यहाँ चैट के जरिए फंड वैल्यू मॉनिटर करना और बार-बार पूछे जाने वाले सवालों (FAQs) के जवाब पाना बहुत आसान है।

भारती AXA लाइफ इंश्योरेंस (02248815768)
भारती AXA ने प्रीमियम भुगतान के साथ-साथ ‘e-NACH’ रजिस्ट्रेशन और पॉलिसी सरेंडर जैसी जटिल प्रक्रियाओं को भी चैट के दायरे में शामिल किया है।

ग्राहकों को मिलने वाले मुख्य लाभ
वॉट्सऐप पर बीमा सेवाएं शुरू होने से आम आदमी को कई स्तरों पर लाभ होगा:
. समय की बचत: एजेंटों के पीछे भागने या ऑफिस जाने की झंझट खत्म।
. सरल भुगतान प्रणाली: यूपीआई (UPI), डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के जरिए सुरक्षित भुगतान की सुविधा।
. कागजी कार्रवाई से मुक्ति: डिजिटल पॉलिसी बॉन्ड सीधे आपके वॉट्सऐप पर पीडीएफ (PDF) के रूप में मिल जाते हैं, जिन्हें कहीं भी कभी भी एक्सेस किया जा सकता है।
. 24/7 उपलब्धता: चैटबॉट तकनीक के कारण ये सेवाएं दिन के 24 घंटे और हफ्ते के सातों दिन उपलब्ध रहती हैं।

सुरक्षा और गोपनीयता: क्या यह सुरक्षित है?
डिजिटल सेवाओं के साथ सुरक्षा की चिंता स्वाभाविक है। हालांकि, वॉट्सऐप ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ का दावा करता है, जिसका अर्थ है कि ग्राहक और बीमा कंपनी के बीच की बातचीत कोई तीसरा व्यक्ति (यहाँ तक कि वॉट्सऐप भी) नहीं देख सकता। इसके अलावा, आधिकारिक कंपनियों के नंबरों पर ‘ब्लू टिक’ होता है, जो उनकी प्रमाणिकता की पुष्टि करता है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक नंबरों पर ही अपनी जानकारी साझा करें और किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें।

भविष्य की राह: बीमा पहुंच में वृद्धि
भारत में बीमा की पहुंच (Insurance Penetration) अभी भी वैश्विक औसत से कम है। इसका एक बड़ा कारण जागरूकता की कमी और जटिल प्रक्रिया है। वॉट्सऐप जैसे सरल प्लेटफॉर्म के जरिए गांव-देहात तक बीमा की जानकारी पहुंचना अब मुमकिन होगा। आने वाले समय में हम उम्मीद कर सकते हैं कि मोटर इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस और जनरल इंश्योरेंस की अन्य श्रेणियां भी इसी तरह चैट-बेस्ड मॉडल पर पूरी तरह उपलब्ध होंगी।

संक्षेप में कहें तो, वॉट्सऐप पर बीमा सेवाओं का आगाज एक ‘डिजिटल सशक्तिकरण’ है। यह न केवल तकनीक का इस्तेमाल है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

Geeta Singh
Geeta Singh

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