1 मार्च से बड़ा बदलाव: अब इस ऐप से ही बुक होगा जनरल टिकट, UTS होगा बंद!
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संवाद 24 डेस्क। नई दिल्ली | भारतीय रेलवे अपने डिजिटल टिकटिंग सिस्टम में ऐतिहासिक बदलाव ला रहा है। 1 मार्च 2026 से रेलवे का प्रसिद्ध UTS (Unreserved Ticketing System) मोबाइल ऐप पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा और इसके स्थान पर नया RailOne ऐप यात्रियों के लिए एकमात्र आधिकारिक डिडीटल टिकटिंग प्लेटफ़ॉर्म बन जाएगा। यह बदलाव उन लाखों यात्रियों के लिए बेहद अहम है जो रोज़ाना जनरल, प्लेटफ़ॉर्म और अनारक्षित टिकट मोबाइल के ज़रिए बुक करते हैं।
इस बदलाव के पीछे रेलवे का सबसे बड़ा उद्देश्य डिजिटल सेवाओं को एकीकृत करना है, ताकि यात्रियों को अलग-अलग ऐप इस्तेमाल करने की उलझन न हो और टिकटिंग प्रक्रिया सरल, तेज़ और सुरक्षित बने। इस बदलाव को रेलवे ने पहले से ही यात्रियों को सूचित करना शुरू कर दिया है, ताकि 1 मार्च तक सभी लोग नए ऐप — RailOne — पर शिफ्ट हो जाएँ।
UTS ऐप: एक युग का अंत
UTS ऐप को भारतीय रेलवे ने 27 दिसंबर 2014 को पेश किया था। यह ऐप मुख्य रूप से अनारक्षित (जनरल) टिकट, प्लेटफ़ॉर्म टिकट और सीज़न टिकट के लिये इस्तेमाल होता था। लंबे समय तक यह स्थानीय यात्रियों और रोज़ाना ट्रेन यात्राओं के लिये बेहद लोकप्रिय रहा।
यात्रियों के लिए यह सुविधा इतनी सहज और उपयोग-सुलभ थी कि लाखों लोगों ने सालों तक इसी ऐप के ज़रिए टिकट बुक किए। लेकिन डिजिटल दुनिया के बढ़ते बदलाव और यात्रियों की बढ़ती उम्मीदों को देखते हुए रेलवे ने निर्णय लिया कि अलग-अलग ऐप्स रखने की बजाय एकीकृत सुपर ऐप बनाना ज़रूरी है। इसीलिए RailOne को तैयार किया गया है।
RailOne — एक “सिंगल ऐप” समाधान
RailOne रेलवे की नई डिजिटल पहल है। यह ऐप सिर्फ जनरल या अनारक्षित टिकट के लिये ही नहीं है, बल्कि एक ऑल-इन-वन प्लेटफ़ॉर्म है जिसमें यात्रियों को कई तरह की सेवाएँ एक ही जगह मिलेंगी। RailOne ऐप निम्न प्रमुख सुविधाएँ प्रदान करेगा:
. अनारक्षित (जनरल) टिकट बुकिंग
अब अनारक्षित टिकट — चाहे वह लोकल ट्रेन हो, मेल/एक्सप्रेस ट्रेन हो या प्लेटफ़ॉर्म टिकट — सभी इसी ऐप से बुक होंगे।
. आरक्षित टिकट बुकिंग
RailOne में अब आरक्षित टिकट बुकिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिसे पहले मुख्यतः IRCTC ऐप से बुक किया जाता था।
. लाइव ट्रेन जानकारी और PNR स्टेटस
यात्रियों को लाइव ट्रेन रनिंग स्टेटस, PNR स्थिति, स्टेशनों पर आगमन/प्रस्थान समय सहित विस्तृत ट्रेनों की जानकारी भी इसी ऐप में मिलेगी।
. रेल सहायता सेवाएँ
Rail Madad (यात्रा सहायता) और Food on Track जैसी सुविधाएँ भी RailOne में शामिल की जा रही हैं, जिससे यात्रियों की यात्रा अनुभव बेहतर होगा।
RailOne ऐप में यात्रियों को अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी – RailOne ही अब एकमात्र डिजिटल रेल समाधान बन जायेगा।
क्यों हो रहा है UTS ऐप बंद?
रेलवे का कहना है कि डिजिटल सेवाओं को सुदृढ़ और यात्रियों के लिये सरल बनाने के लिये अलग-अलग ऐप रखना आवश्यक नहीं रहा। आज के समय में मोबाइल की जगह यात्रियों की दैनिक ज़रूरतें बढ़ चुकी हैं। ऐसे में एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर सभी सुविधाएँ देने से कंफ्यूजन कम होगा और यात्री अनुभव बेहतर होगा।
वैसे भी रेलवे पहले से ही अलग-अलग ऐप्स जैसे IRCTC Rail Connect, NTES, Rail Madad आदि उपयोग कर रहा था। अब इन्हें क्रमबद्ध कर एक केंद्रीकृत ऐप RailOne में समाहित किया जा रहा है।
RailOne ऐप में यात्रियों को क्या मिलेगा?
RailOne को उपयोगकर्ता-दोस्त बनाने के लिये कई विशेषताएँ जोड़ी गई हैं:
. एक ही लॉगिन — सभी सेवाओं के लिये
RailOne में उपयोगकर्ता को नया अकाउंट बनाने की ज़रूरत नहीं है। अगर पहले UTS या IRCTC उपयोगकर्ता रहे हैं, तो वही यूज़रनेम और पासवर्ड RailOne में काम करेंगे।
. सर्विस डिज़ाइन — आसान व तेज़
App में Journey Planner, Train Finder, टिकट बुकिंग और Live स्टेटस जैसी सुविधा व्यवस्थित रूप से केंद्रित की गयी है। यह डिज़ाइन मोबाइल यात्रियों के लिये उपयोग में सहज माना जा रहा है।
. डिजिटल पेमेंट पर प्रोत्साहन
रेलवे ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिये RailOne पर जनवरी से जुलाई 2026 तक 3% तक का डिस्काउंट / कैशबैक जैसे ऑफ़र की भी घोषणा की है। इसका मक़सद ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को डिजिटल पेमेंट और नई सेवा का उपयोग करने के लिये प्रेरित करना है।
. उन्नत फीचर्स
स्लीपिंग पैसेंजर, ट्रेन की लाइव स्थिति, कोच नंबर, प्लेटफ़ॉर्म बदलने की सूचना आदि फीचर्स भी RailOne में उपलब्ध होंगे, जिससे यात्रा योजनाएं अधिक सटीक और सरल बनेंगी।
UTS ऐप से RailOne में संक्रमण (Migration)
Railway अधिकारियों का कहना है कि 1 मार्च से पहले यात्रियों को RailOne डाउनलोड करके आवश्यक स्टेप्स पूरा कर लेना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्या कर सकते हैं यात्री?
. RailOne ऐप डाउनलोड करें – Android और iOS दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध है। . मौजूद UTS/IRCTC खाते से लॉगिन करें। . अपने R-Wallet बैलेंस को RailOne में ट्रांसफ़र करें। . नए फीचर्स को ट्राय करें जैसे Unreserved, Reserved, PNR, लाइव स्टेटस इत्यादि।
रेलवे ने यह भी कहा है कि मार्च के बाद UTS ऐप में न तो टिकट बुक किया जा सकेगा और न ही कोई अन्य सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसीलिए समय रहते RailOne में शिफ्ट होना बेहद आवश्यक है।
यात्रियों पर प्रभाव: रोज़ाना यात्रियों से लेकर लंबी दूरी तक
यह बदलाव सिर्फ स्थानीय यात्रियों के लिये नहीं है, बल्कि उन लोगों पर भी असर डालेगा जो लंबी दूरी की ट्रेनों में दिन-प्रतिदिन यात्रा करते हैं। UTS ऐप का बंद होना और RailOne का नया एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म लागू होना, ट्रेन टिकटिंग के तरीके को पूरी तरह बदल देगा।
विशेषकर लोकल ट्रेन उपयोग करने वाले यात्रियों के लिये यह बदलाव सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें रोज़ाना टिकट बुक करने के लिये UTS ऐप की मदद लेनी पड़ती थी। अब उनकी आदतें बदलेंगी और उन्हें RailOne ही प्राथमिक प्लेटफ़ॉर्म बनाना होगा।
विशेषज्ञों की राय
डिजिटल यात्रा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय रेलवे के डिजिटल इंडिया मिशन के लिये एक सकारात्मक संकेत है। केंद्रीकृत प्लेटफ़ॉर्म यात्रियों के लिये ज़्यादा सुविधाजनक साबित होगा और भविष्य में टिकटिंग सेवाओं का विस्तार भी सरल होगा।
एक डिजिटल युग की ओर कदम
1 मार्च 2026 भारतीय रेलवे के टिकटिंग इतिहास में एक महत्वपूर्ण तारीख बन चुकी है। UTS जैसे वर्षों तक उपयोग में रहे ऐप का चरणबद्ध समापन और RailOne जैसे अधिक प्रगतिशील और विस्तृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का आरम्भ, यात्रियों तथा रेलवे दोनों के लिये एक बड़ा डिजिटल बदलाव है।
RailOne ऐप के माध्यम से रेलवे ने यह संदेश दिया है कि अब सब कुछ एक ही जगह, एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर — अधिक सुविधाएँ, बेहतर अनुभव और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य की ओर ठोस क़दम। यात्रियों को सलाह है कि वे समय रहते इस बदलाव को अपनाएं ताकि ट्रैवलिंग अनुभव अधिक सहज और परेशानी-रहित हो सके।






