Google का बड़ा प्रयोग: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Project EAT) से चलेगा पूरा ऑफिस सिस्टम
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संवाद 24 डेस्क। दुनिया के सबसे बड़े टेक दिग्गज Google अब सिर्फ अपनी सर्विस को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं रह रहा, बल्कि वह अपनी आंतरिक कार्य प्रणाली को भी अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित बनाने की दिशा में अग्रसर है। एक नवीनतम लीक हुए इंटरनल मेमो से यह खुलासा हुआ है कि कंपनी ने “Project EAT” नामक एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है, जिसका लक्ष्य Google के कार्यस्थल को पूरी तरह से AI-पावर्ड बनाना है और कर्मचारियों की क्षमता तथा उत्पादकता (Developer Velocity) में उल्लेखनीय वृद्धि करना है।
Project EAT का पूरा नाम “Employ AI Thoughtfully” है और यह Google के अंदरूनी AI & Infrastructure (AI2) यूनिट के तहत संचालित हो रहा है। यह बदलाव कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें AI को सिर्फ बाहरी उत्पादों के लिए नहीं बल्कि अपने ही रोजमर्रा के कामकाज का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है।
Project EAT: मूल उद्देश्य और रणनीति
AI-Powered Workplace की अवधारणा
गूगल के अनुसार Project EAT का मुख्य लक्ष्य कार्यस्थल को AI द्वारा समर्थित बनाना है। इसका अर्थ यह है कि कर्मचारियों को AI-सक्षम उपकरणों के साथ लैस किया जाएगा ताकि वे अधिक तेजी, उच्च गुणवत्ता और कम त्रुटियों के साथ काम कर सकें।
इस पहल के पीछे प्रमुख सोच यह है कि आज की प्रतिस्पर्धात्मक तकनीकी दुनिया में केवल उपभोक्ता-स्तर पर AI विकास पर्याप्त नहीं है; इसके बजाय, स्वयं कंपनी के कार्यप्रवाह और प्रक्रियाएँ AI-प्रमुख बननी चाहिए ताकि निर्णय-निर्माण, सहयोग और नवाचार में तेजी आ सके।
Project EAT का नाम और इसका तकनीकी संदर्भ
Project EAT का नाम असल में तकनीकी उद्योग में प्रचलित एक कहावत “Eat your own dog food” से प्रेरित है। इसका अर्थ यह है कि एक कंपनी को अपने ही उत्पादों और तकनीकों का उपयोग पहले खुद के कार्यों में करना चाहिए ताकि वे उनकी क्षमता और उपयोगिता को गहराई से समझ सकें और सुधार कर सकें।
यानी Google न केवल बाहरी ग्राहकों के लिए AI उपकरण विकसित कर रहा है, बल्कि पहले अपने कर्मचारियों को इन उपकरणों से लैस कर रहा है ताकि वास्तविक उपयोग के आधार पर तकनीकों को टेस्ट, सुधार और मानकीकृत किया जा सके। यह दृष्टिकोण AI तकनीक की विश्वसनीयता और स्थिरता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।
Project EAT के प्रमुख घटक और उद्देश्य
AI टूल्स और ऑटोमेशन
Project EAT का मुख्य फोकस आधुनिक AI टूल्स को कार्यप्रवाह में शामिल करना है। इनमें कोड असिस्टेंस टूल्स, ऑटोमेशन सिस्टम, स्मार्ट वर्कफ्लो और डेटा-ड्रिवेन निर्णय-निर्माण शामिल हैं।
ये टूल्स कर्मचारियों के रोजमर्रा के दोहराव वाले और साधारण कार्यों को ऑटोमेट कर देंगे, जिससे उन्हें उच्च-स्तरीय, रचनात्मक तथा रणनीतिक कार्यों पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि कर्मचारियों की कार्य-संतुष्टि और रचनात्मकता भी बढ़ेगी।
डेवलपर वेलोसिटी और कार्यसंस्कृति में बदलाव
Developer Velocity की व्याख्या
डेवलपर वेलोसिटी से तात्पर्य उस गति और क्षमता से है, जिससे सॉफ्टवेयर इंजीनियर, प्रोडक्ट डिजाइनर और अन्य तकनीकी कर्मचारी अपना कार्य पूरा करते हैं। Project EAT के प्रारंभिक 12-सप्ताह परीक्षण चरण में यह देखा गया कि AI-सहायता से डेवलपर की गति और साफ्टवेयर क्वालिटी में प्रत्यक्ष रूप से सुधार हुआ है।
AI की सहायता से कोड जनरेशन, बग ढूँढना और दूसरी अधिक समय लेने वाली प्रक्रियाएँ तेज़ होती हैं, जिससे डेवलपर अधिक समय शोध और नवाचार में लगा सकते हैं।
मानकीकरण और संगठन-व्यापक AI अपनाना
Project EAT का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य AI उपयोग को मानकीकृत करना भी है। इसका मतलब है कि Google सिर्फ कुछ विभागों में AI टूल्स का उपयोग नहीं करेगा, बल्कि एक व्यापक AI-इंटीग्रेटेड कार्यप्रवाह को पूरे संगठन में लागू करेगा।
यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि:
सभी विभाग AI-युक्त प्रक्रियाओं के प्रति सजग और प्रशिक्षित हों
AI संचालन के सर्वोत्तम मानकों का पालन हो
बाहरी प्रतिस्पर्धा के प्रभाव को कम किया जा सके
इस प्रकार का मानकीकरण संगठन को तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य के अनुरूप बनाए रखता है।
वर्क-कल्चर और कर्मचारी संतुलन
Work-Life Balance पर प्रभाव
AI-संचालित ऑटोमेशन के आने से Google को उम्मीद है कि कर्मचारियों को अधिक संतुलित Work-Life Balance मिलेगा। क्योंकि दोहराव वाले और बोझिल कार्य AI संभाल सकता है, कर्मचारी अपनी ऊर्जा मुख्य, उच्च-स्तरीय कामों में लगा सकेंगे।
यह बदलाव केवल तकनीकी लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की मानसिक स्थिति, रचनात्मक क्षमता और कर्मचारी संतुष्टि पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
परिणाम, परीक्षण और शुरुआती संकेत
Project EAT के शुरुआती 12-सप्ताह परीक्षण में विभिन्न AI-सहायता उपकरणों का उपयोग किया गया। परीक्षण के परिणामों से संकेत मिला कि:
डेवलपर कार्य की गति में वृद्धि हुई
कोड की गुणवत्ता में सुधार हुआ
दोहराव वाले कार्यों पर कम समय खर्च हुआ
ये संकेत इस बात की ओर इशारा करते हैं कि Google की AI-पहले वाली रणनीति असल में परिणाम दे रही है।
Google की AI रणनीति का व्यापक परिप्रेक्ष्य
Project EAT केवल एक आंतरिक परियोजना नहीं है, बल्कि Google की समग्र AI रणनीति का हिस्सा है। आज AI तेजी से टेक उद्योग में निर्णायक भूमिका निभा रहा है, और कई कंपनियाँ अपने कार्यप्रवाह को AI-योग्य बनाकर प्रतिस्पर्धात्मक लाभ हासिल कर रही हैं।
Google का यह कदम इस बात को दर्शाता है कि AI अब सिर्फ एक उपकरण नहीं रह गया — बल्कि यह कार्य-संस्कृति, उत्पादकता और संगठन-व्यापक बदलाव का मूल आधार बन चुका है।
भविष्य की चुनौती और संभावनाएँ
इस परियोजना की एक प्रमुख चुनौती यह है कि AI के उपयोग के साथ-साथ उसे सुरक्षित, पारदर्शी और नैतिक रूप से लागू करना भी आवश्यक है। AI-पावर्ड वर्कप्लेस की ओर बढ़ते समय यह ज़रूरी होगा कि डेटा सुरक्षा, निर्णय-सक्षम AI और मानवीय नियंत्रण के मुद्दों पर भी ध्यान दिया जाए।
यदि यह संतुलन बनाए रखा जाता है, तो Project EAT भविष्य की तकनीकी कार्यसंस्कृति के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
Project EAT का सार और महत्व
Project EAT न केवल Google के लिए एक आंतरिक सुधार पहल है, बल्कि तकनीकी उद्योग में AI-योग्य वर्कप्लेस की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रस्थान-बिंदु भी है। यह पहल उत्पादकता, गुणवत्ता, सहयोग, नवाचार और कर्मचारी संतुष्टि को नए स्तर पर ले जाने का काम करेगी।
भविष्य में, इसी तरह की AI-संचालित पहलें वैश्विक स्तर पर अन्य कंपनियों द्वारा भी अपनाई जा सकती हैं, जिससे कार्यक्षेत्र एक नई तकनीकी क्रांति की ओर अग्रसर होगा।






