गोमती चक्र (नागचक्र) साधना एवं प्रयोग

संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)। शास्त्रीय रूप से सिद्ध एवं कर्मकाण्ड में अत्यंत उपयोगी रत्न समान चक्र। गोमती चक्र को नागचक्र भी कहा गया है। यह अत्यंत दुर्लभ, शुभ एवं भाग्योदयकारक पत्थर है। धन, स्वास्थ्य, व्यापार, पारिवारिक शांति एवं वास्तु-संतुलन हेतु इसके प्रयोग अत्यंत प्रभावी माने गए हैं।

1. धनवृद्धि हेतु प्रयोग (दीपावली विशेष)
दीपावली की रात्रि या किसी शुभ मुहूर्त में 11 या 21 गोमती चक्र लें। उन्हें गंगाजल से पवित्र कर, अष्टगंध या केसर से तिलक करें और नीचे दिए मंत्रों में से किसी एक मंत्र से स्फटिक माला द्वारा 11 या 21 माला जप करें – 
“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।”
“ॐ श्रीं श्रियै नमः।”
अगले दिन उन गोमती चक्रों को लाल रेशमी वस्त्र में बांधकर धन स्थान, तिजोरी या गल्ले में रखें। 
फल : धन का प्रवाह बढ़ता है और आमदनी के नए स्रोत बनते हैं।

2. नज़र दोष या बिक्री में रुकावट
यदि बच्चा या दुकान नज़रग्रस्त हो तो 5 गोमती चक्र लें।
उन पर 11 बार गायत्री मंत्र का जप करें और बच्चे या दुकान के चारों ओर घुमाकर बाहर की ओर फेंक दें।
फल : शीघ्र सुधार एवं लाभ।

3. व्यापार में रुकावट
व्यापार स्थल की चौखट पर 11 गोमती चक्र और 3 लघु नारियल शुभ मुहूर्त में लाल कपड़े में बांधकर लटका दें। उस पर सिंदूर का तिलक करें।
फल : व्यापार में वृद्धि, रुकावटों का नाश।

4. आरोग्य एवं स्वास्थ्य साधना
गोमती चक्र को शुद्ध जल से धोकर लाल वस्त्र पर रखें। फिर सिंदूर अर्पित कर देसी घी का दीप जलाएँ और यह मंत्र 11 माला जपें – 
“ॐ वं आरोग्यनिकरी रोगानशेषान नमः।”
फल : स्वास्थ्य लाभ और रोगनाश।

5. गृहक्लेश निवारण
3 गोमती चक्र एक डिब्बी में सिंदूर रखकर रखें और डिब्बी को किसी एकांत स्थान पर रख दें। किसी अन्य को इसकी जानकारी न दें।
फल : घर में शांति और सौहार्द की स्थापना।

6. दीर्घकालिक रोग निवारण
11 गोमती चक्र कांच की कटोरी में रखें। महामृत्युंजय मंत्र की 11 माला से अभिमंत्रित कर, उन्हें सफेद कपड़े में बांधकर रोगी के बिस्तर के पायों में बांध दें।
फल : शीघ्र स्वास्थ्य लाभ।

7. कार्यसिद्धि हेतु
2 या 5 गोमती चक्र चांदी के तार से लपेटकर सफेद कपड़े में सिलें और अपने पास रखें।
फल : कार्यों में सफलता एवं बाधाओं का अंत।

8. धन-वापसी प्रयोग
यदि कोई व्यक्ति धन नहीं लौटा रहा है, तो 5 बड़े गोमती चक्रों पर काली स्याही से उसका नाम लिखें। फिर सोमवार को श्मशान क्षेत्र में गाड़ दें और मन ही मन प्रार्थना करें।
फल : उस व्यक्ति में धन लौटाने की भावना उत्पन्न होती है।

9. द्वार शुद्धि एवं न्याय विजय प्रयोग
मुख्य द्वार दूषित हो तो 11 गोमती चक्र सफेद कपड़े में बांधकर चौखट पर लटका दें। यदि कोर्ट-कचहरी का मामला हो, तो दरवाजे पर रखें और चक्र पर दाहिना पैर रखकर बाहर जाएँ।
फल : सफलता एवं न्याय में विजय।

10. पदोन्नति हेतु
सोमवार के दिन 5 सिद्ध गोमती चक्र शिवलिंग पर अर्पित करें और प्रमोशन हेतु प्रार्थना करें।
फल : शीघ्र उन्नति।

11. शत्रु नाश साधना
21 गोमती चक्रों के साथ कागज पर शत्रुओं के नाम लिखकर जमीन में गाड़ दें।
फल : विरोधियों पर विजय।

12. गर्भ रक्षा प्रयोग
जिन महिलाओं का बार-बार गर्भपात होता है, वे 5 सिद्ध गोमती चक्र लाल कपड़े में बांधकर कमर में बांधें।
फल : गर्भ की रक्षा एवं शिशु-सुरक्षा।

13. वास्तु दोष निवारण
11 गोमती चक्र दक्षिण-पूर्व (अग्नि कोण) दिशा में नींव में दबा दें।
फल : वास्तु दोष एवं ग्रहदोषों का नाश।

???? विशेष:
गोमती चक्र साधना दीपावली रात्रि में अथवा शुक्रवार को करने से अत्यंत शुभ फल मिलता है। यह प्रयोग माँ महालक्ष्मी, भगवान विष्णु एवं कुबेर तीनों की कृपा को स्थायी बनाता है।

???? शुभाशय:
“गोमतीचक्रं शुभं सौभाग्यदं धनवर्धनम्।
लक्ष्मीप्रियं च सिद्धं च सर्वसिद्धिप्रदं भवेत्॥”

Samvad 24 Office
Samvad 24 Office

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News