धनतेरस पर 13 दीपों का महायोग
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संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)। धनतेरस पर 13 दीपक जलाना अत्यंत शुभ एवं सौभाग्यवर्धक माना गया है। यह दीप आरोग्य, धन, समृद्धि और लक्ष्मी कृपा के प्रतीक हैं। इन दीपों को घर की विभिन्न दिशाओं में, जैसे मुख्य द्वार, तुलसी के पास, रसोई, मंदिर और अन्य शुभ स्थानों पर जलाया जाता है। इनमें से एक दीपक यमराज के नाम पर दक्षिण दिशा में जरूर जलाया जाता है, जिससे अकाल मृत्यु का भय कम होता है। जानिए कहाँ-कहाँ दीप जलाना चाहिए –
1️⃣ पहला दीपक — माता लक्ष्मी के लिए (पूजा कक्ष में)
2️⃣ दूसरा दीपक — कुबेर देव के लिए (पूजा कक्ष में)
3️⃣ तीसरा दीपक — भगवान धन्वंतरि के लिए (पूजा कक्ष में)
4️⃣ चौथा दीपक — मुख्य द्वार पर (लक्ष्मी आगमन हेतु)
5️⃣ पाँचवाँ दीपक — खिड़की पर (नकारात्मक ऊर्जा निवारण हेतु)
6️⃣ छठा दीपक — छत पर (आकाशीय दोष निवारण हेतु)
7️⃣ सातवाँ दीपक — माता तुलसी के पास (संतान सुख हेतु)
8️⃣ आठवाँ दीपक — पीपल वृक्ष के नीचे (पितृ कृपा हेतु)
9️⃣ नौवाँ दीपक — रसोईघर में (अन्नपूर्णा देवी की कृपा हेतु)
???? दसवाँ दीपक — जल स्थल (कुएँ या हैंडपंप) के पास (आरोग्य हेतु)
1️⃣1️⃣ ग्यारहवाँ दीपक — आँगन में (गृहशांति हेतु)
1️⃣2️⃣ बारहवाँ दीपक — गोवर्धन भगवान के नाम से, गोमाता के पास
1️⃣3️⃣ तेरहवाँ दीपक — माँ लक्ष्मी के स्वरूप झाड़ू के पास अवश्य जलाएँ (स्थायी लक्ष्मी हेतु)
13 दीप जलाने का महत्व
सकारात्मक ऊर्जा: 13 दीपक घर में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं और देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद आकर्षित करते हैं।
समृद्धि और सुख: ये दीपक घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि करते हैं।
अकाल मृत्यु से बचाव: यमराज के नाम का दीपक जलाने से अकाल मृत्यु का भय कम होता है।
✨ इन 13 दीपों के प्रकाश से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो। माँ लक्ष्मी की कृपा आपके घर सदैव बनी रहे! ????






