पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन: कानपुर और कांग्रेस ने खोया अपना सच्चा सिपाही

संवाद 24 कानपुर। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद कॉर्डियोलॉजी अस्पताल में निधन हो गया। स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व ने इस दुखद सूचना की पुष्टि करते हुए कहा कि उनकी तबीयत अचानक गंभीर हुई, जिसके बाद उन्हें पहले नर्सिंग होम और फिर रेफर कर कॉर्डियोलॉजी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।

कानपुर के तीन बार सांसद और मेहनती जमीनी नेता श्रीप्रकाश जायसवाल ने 1999, 2004 और 2009 तीन बार लगातार कानपुर से सांसद रहकर कांग्रेस की मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई। उनका राजनीतिक सफर जमीनी स्तर से शुरू होकर देश की सरकार में कैबिनेट स्तर के पद तक पहुँचा। उन्होंने 2011 से 2014 तक कोयला मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया और अपने सरल स्वभाव व मजबूत प्रशासनिक क्षमता के लिए पहचाने गए।

उनका व्यक्तित्व न सिर्फ राजनीति, बल्कि सामाजिक जीवन में भी सम्मानित माना जाता था। वे कांग्रेस के उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने संगठन को मजबूत करने और शहर के विकास कार्यों को गति देने में अहम भूमिका निभाई।

परिवार का दर्द: “मेहनती इंसान खामोश पड़ा है” उनके छोटे भाई प्रमोद जायसवाल ने भावुक होते हुए कहा,“जमीनी स्तर से जुड़ा एक मेहनती व्यक्ति आज खामोश पड़ा है। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कह सकता।”यह वाक्य खुद बताता है कि जायसवाल केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि परिवार और शहर के लोगों के लिए भावनात्मक सहारे जैसे थे।

कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति – कांग्रेस नेताओं ने कहा कि श्रीप्रकाश जायसवाल का जाना एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है जिसे पाटना मुश्किल है। कानपुर की राजनीति में उनका कद, अनुभव और जनता से सीधी जुड़ाव की शैली उन्हें हमेशा अलग पहचान देती थी।

Pavan Singh
Pavan Singh

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