
कन्नौज। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में जनसंख्या गणना की प्रक्रिया को व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए कन्नौज जिले में प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है। इसी क्रम में सेंट जेवियर्स स्कूल में फील्ड ट्रेनरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित कर्मचारियों को आगामी गणना प्रक्रिया के लिए तैयार किया जा रहा है।
दूसरे बैच के प्रशिक्षण में 31 फील्ड ट्रेनर शामिल
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे बैच के दूसरे दिन 31 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इससे पहले आयोजित प्रथम बैच में 27 फील्ड ट्रेनरों ने प्रशिक्षण लिया था। इस प्रकार दोनों बैचों में कुल 58 फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये ट्रेनर आगे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनगणना से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी देंगे।
जिला जनगणना अधिकारी ने किया निरीक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम का अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी देवेंद्र सिंह ने निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण की प्रगति का जायजा लेते हुए फील्ड ट्रेनरों का उत्साहवर्धन किया। साथ ही निर्देश दिया कि प्रशिक्षण को गंभीरता से लें, ताकि आगे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को गणना की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से समझाई जा सके।
मृदुल मिश्रा और सस्मित द्विवेदी दे रहे प्रशिक्षण
कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर मृदुल मिश्रा और सस्मित द्विवेदी प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य फील्ड स्तर पर जनगणना संबंधी कार्यों की समझ विकसित करना और गणना के दौरान प्रक्रियागत त्रुटियों की संभावना को कम करना है। प्रशिक्षित कर्मियों की भूमिका आगे जनगणना कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण होगी।
16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना की सुविधा
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक नागरिकों को ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा मिलेगी। इसके बाद 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे। यह कार्यक्रम निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित किया जाएगा। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी और प्रशिक्षण सामग्री उपलब्ध कराता है।
सटीक आंकड़ों के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों पर जिम्मेदारी
जनगणना के आंकड़े प्रशासनिक योजना और विकास संबंधी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में फील्ड ट्रेनरों, प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को सही प्रक्रिया की जानकारी होना आवश्यक है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशासन का प्रयास है कि आगामी जनसंख्या गणना के दौरान कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हो।






