
कन्नौज। आलू उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण कन्नौज जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में उद्यान विभाग के अधिकारियों ने मानिमऊ क्षेत्र स्थित विभिन्न निजी कोल्ड स्टोरेजों का निरीक्षण किया और वहां आलू भंडारण से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
मानीमऊ के चार कोल्ड स्टोरेजों का निरीक्षण
उप निदेशक उद्यान मुकेश कुमार और जिला उद्यान अधिकारी आशीष कटियार ने मानिमऊ स्थित नारायण, रामचन्द्र, कुमार और जय गोविन्दा कोल्ड स्टोरेज का दौरा किया। अधिकारियों ने भंडारण व्यवस्था को देखा और आलू उत्पादक किसानों से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी साझा की।
किसानों को बताया—भंडारण के साथ योजनाओं का भी उठाएं लाभ
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसानों को उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। किसानों को विशेष रूप से आलू के भाव को स्थिर रखने से संबंधित योजना तथा निजी कोल्ड स्टोरेज में आलू भंडारण पर उपलब्ध अनुदान संबंधी प्रावधानों का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।उत्तर प्रदेश सरकार के दस्तावेजों में आलू के लाभकारी मूल्य के लिए बाजार हस्तक्षेप की व्यवस्था का उल्लेख है। इसके अलावा उद्यान क्षेत्र में किसानों को विभिन्न फसलों, बीज, पौध और तुड़ाई उपरांत प्रबंधन आदि के लिए सहायता देने वाली योजनाएं संचालित हैं।
समय पर आवेदन करने की अपील
उप निदेशक उद्यान ने किसानों से योजनाओं का लाभ लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय से आवेदन करने की अपील की। अधिकारियों का कहना था कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और उनकी आय में वृद्धि के अवसर उपलब्ध कराना है।
चयनित किसानों को बांटे गए उन्नत बीज
कोल्ड स्टोरेज निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री राज्य औद्योगिक विकास योजना तथा अनुसूचित जाति/जनजाति कृषकों हेतु औद्यानिक विकास योजना के तहत चयनित किसानों को संकर शाकभाजी और गेंदे के उन्नत बीज वितरित किए गए।अधिकारियों ने किसानों को केवल परंपरागत खेती तक सीमित न रहकर वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
आलू के साथ दूसरी फसलों पर भी जोर
उद्यान विभाग की ओर से किसानों को आलू के साथ शाकभाजी और पुष्प उत्पादन जैसी गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकारी स्तर पर बागवानी क्षेत्र में फलों, सब्जियों और फूलों सहित विभिन्न फसलों के क्षेत्र विस्तार तथा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनुदान आधारित योजनाएं संचालित हैं।
किसानों के लिए क्या है संदेश?
अधिकारियों के इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाना और उन्हें उपलब्ध सरकारी सहायता का लाभ लेने के लिए प्रेरित करना रहा। किसानों के लिए जरूरी है कि वे संबंधित विभाग से योजना की वर्तमान पात्रता, अनुदान की राशि, आवेदन की अंतिम तिथि और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करने के बाद ही आवेदन करें।






