
कन्नौज। बेसिक शिक्षा विभाग में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) संदीप कुमार के खिलाफ की गई शिकायत अब जांच के चरण में पहुंच गई है। शिकायत में लगाए गए विभिन्न आरोपों की तथ्यात्मक जांच के लिए जिला स्तर पर तीन अधिकारियों की समिति गठित की गई है। समिति को उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित अभिलेखों के आधार पर समयबद्ध जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद आगे बढ़ा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने 15 अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर बीएसए के संबंध में शिकायत प्रस्तुत की थी। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव की ओर से 29 सितंबर को कन्नौज के जिलाधिकारी को मामले की जांच कराने के निर्देश दिए गए। इसी क्रम में जिलाधिकारी स्तर से जांच समिति गठित की गई है।
तीन अधिकारियों के जिम्मे जांच की जिम्मेदारी
मामले की जांच के लिए गठित समिति में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), वरिष्ठ कोषाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को शामिल किया गया है। समिति को शिकायत से जुड़े साक्ष्यों, अभिलेखों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच कर स्पष्ट रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के लिए सात दिन की समयसीमा निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
शिकायत में क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं?
शिकायत में शिक्षकों से कथित रूप से अवैध धन वसूली किए जाने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अवकाश स्वीकृति अथवा अस्वीकृति, एक दिन के वेतन कटौती और शिक्षकों के एरियर भुगतान जैसे मामलों में कथित धन उगाही के आरोप लगाए गए हैं।इसके अलावा शिकायत में बिना शासनादेश के कंट्रोल रूम बनाए जाने और उससे संबंधित व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी जांच होनी बाकी है और किसी आरोप को जांच पूरी होने से पहले प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
शिक्षक संगठन की शिकायत के बाद मामला पहुंचा उच्च स्तर तक
बताया गया है कि यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन की ओर से भी बीएसए के संबंध में शिकायत की गई थी। संगठन के जिलाध्यक्ष पंकज भदौरिया सहित कुछ शिक्षकों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर मामला आगे बढ़ा और पूर्व सांसद के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष भी शिकायत रखी गई।
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
जांच समिति द्वारा संबंधित अधिकारियों, शिकायतकर्ताओं और विभागीय अभिलेखों से आवश्यक जानकारी जुटाई जाएगी। बीएसए को भी जांच में सहयोग करने तथा समिति द्वारा मांगे जाने वाले आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।अब पूरे मामले में जांच समिति की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी वास्तविकता है और आगे विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई की जाती है।






