
कन्नौज जिले में प्रतिबंध के बावजूद खुले स्थानों पर सड़ा आलू फेंके जाने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जलालपुर कस्बे और गोवर्धनी मंदिर के आसपास बड़ी मात्रा में सड़ा आलू खुले में डाले जाने की शिकायत स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की है। आरोप है कि बारिश के कारण सड़े आलू से उठ रही दुर्गंध के चलते आसपास रहने वाले लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है। शिकायत के बाद युवकों ने वीडियो बनाकर उद्यान विभाग को भेजा है।
खुले में सड़ा आलू फेंकने से बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर जलालपुर और गोवर्धनी मंदिर के आसपास कुछ कोल्ड स्टोरेज संचालकों द्वारा खुले स्थानों पर सड़ा आलू डलवाया जा रहा है। लगातार बारिश के कारण सड़ांध और दुर्गंध फैलने से क्षेत्रवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने इसे स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर समस्या बताया है।
पहले भी हुई थी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाई का आरोप
स्थानीय निवासी कुलदीप दुबे ने बताया कि करीब 20 दिन पहले भी उन्होंने अपने साथियों के साथ पुलिस और संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले की शिकायत की थी। उनका आरोप है कि शुरुआती कार्रवाई के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया और फिर से खुले में सड़ा आलू फेंका जाने लगा।
वीडियो भेजकर कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उद्यान अधिकारी ने उनसे साक्ष्य के रूप में वीडियो उपलब्ध कराने को कहा था। इसके बाद उन्होंने गोवर्धनी मंदिर के समीप पड़े सड़े आलू के ढेर का वीडियो बनाकर विभागीय अधिकारी के व्हाट्सएप पर भेज दिया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उद्यान विभाग ने जांच का दिया आश्वासन
जिला उद्यान अधिकारी आशीष कटियार ने बताया कि मामले की शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि किसी कोल्ड स्टोरेज संचालक द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि खुले में सड़ा आलू फेंकना स्वीकार्य नहीं है तथा इस संबंध में पहले भी जिले के सभी कोल्ड स्टोरेज संचालकों को आवश्यक निर्देश और नोटिस जारी किए जा चुके हैं।






