अधूरी सड़क, बढ़ती परेशानी: कब मिलेगी राहत?
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जनपद कन्नौज के उमर्दा ब्लॉक अंतर्गत उमर्दा-बघेलेपुरवा संपर्क मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा होने के कारण क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यह मार्ग ग्रामीणों के दैनिक आवागमन का प्रमुख साधन है, लेकिन इसकी जर्जर हालत ने लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं।
धूल और गड्ढों से जोखिम भरा सफर
सड़क की खुदाई तो काफी समय पहले कर दी गई थी, लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य ठप हो गया। वर्तमान में सड़क पर फैली ढीली मिट्टी और गहरे गड्ढे राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तेज हवा के साथ उड़ती धूल आंखों में जाने से दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।
ग्रामीणों का दर्द: “सांस लेना भी मुश्किल”
स्थानीय निवासी जतनलाल और जगतलाल का कहना है कि सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि धूल के कारण सांस लेना तक कठिन हो गया है। वहीं नत्तन सिंह ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कार्य काफी पहले पूरा हो जाना चाहिए था। बुजुर्गों, स्कूली बच्चों और मरीजों के लिए यह मार्ग अब परेशानी का पर्याय बन चुका है।
चेतावनी: जल्द काम नहीं हुआ तो आंदोलन
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू कर पूरा नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य नहीं दिख रहा है।
प्रधान का दावा: “कार्य प्रगति पर है”
ग्राम प्रधान तारा देवी ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य प्रक्रिया में है और जल्द ही इसे गति देकर पूरा किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मार्ग को सुरक्षित बनाकर आम जनता के लिए शीघ्र खोल दिया जाएगा। हालांकि, ग्रामीण अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि धरातल पर परिणाम देखना चाहते हैं।
अब नजर प्रशासन पर
उमर्दा-बघेलेपुरवा मार्ग की यह स्थिति न केवल विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे की वास्तविक तस्वीर भी पेश करती है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक लोगों को राहत मिल पाती है।






